पैरालंपिक खेलों में एक दशक बाद होगी रूसी ध्वज और राष्ट्रगान की वापसी

पैरालंपिक खेलों में एक दशक बाद होगी रूसी ध्वज और राष्ट्रगान की वापसी

पैरालंपिक खेलों में एक दशक बाद होगी रूसी ध्वज और राष्ट्रगान की वापसी
Modified Date: February 18, 2026 / 10:25 am IST
Published Date: February 18, 2026 10:25 am IST

मिलान, 18 फरवरी (एपी) रूसी खिलाड़ी एक दशक से अधिक समय में पहली बार पैरालंपिक शीतकालीन खेलों में अपने देश के ध्वज के तले प्रतिस्पर्धा करेंगे और उसके किसी खिलाड़ी के स्वर्ण पदक जीतने पर पदक वितरण समारोह में रूस का राष्ट्रगान बजाया जाएगा।

इसकी घोषणा मंगलवार को की गई जिसका मतलब है कि लॉस एंजिल्स में 2028 में होने वाले ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों से काफी पहले ओलंपिक जगत में रूस और उसकी राष्ट्रीय पहचान पूरी तरह से बहाल हो जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने बयान में कहा कि रूस की राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति को आगामी मिलान कोर्टिना पैरालंपिक खेलों के लिए छह स्थान आवंटित किए गए हैं।

यह 2014 में रूस के सोची में हुए पैरालंपिक शीतकालीन खेलों के बाद पहली बार होगा जब पैैरालंपिक खेलों में रूस का ध्वज फहराया जाएगा। रूस पर पहले सरकार प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम के कारण प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद से उसके खिलाफ प्रतिबंध जारी रखे गए।

रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस पर भी 2022 से प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन मिलान कोर्टिना में उसके लिए चार स्थान उपलब्ध होंगे।

मिलान कोर्टिना पैरालंपिक खेल छह से 15 मार्च तक आयोजित किए जाएंगे।

एपी

पंत

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