Madhya Pradesh Budget 2026: वित्तमंत्री का सम्बोधन, कहा, “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है”.. 2026 को बताया किसानों का साल

Madhya Pradesh Budget 2026: मध्यप्रदेश बजट 2026 पेपरलेस पेश, किसानों और शहरी विकास पर विशेष जोर, तीन साल का रोडमैप घोषित।

Madhya Pradesh Budget 2026: वित्तमंत्री का सम्बोधन, कहा, “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है”.. 2026 को बताया किसानों का साल

Madhya Pradesh Budget 2026 || Image- MP GOVT File

Modified Date: February 18, 2026 / 11:25 am IST
Published Date: February 18, 2026 11:25 am IST
HIGHLIGHTS
  • 2026 किसानों को समर्पित वर्ष घोषित
  • पहली बार पूरी तरह पेपरलेस बजट
  • शहरी विकास के लिए 5000 करोड़ प्रावधान

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बुधवार, 18 फरवरी को विधानसभा में वर्ष 2026 का बजट पेश किया। इस बार का बजट पूरी तरह पेपरलेस रखा गया है और इसे डिजिटल माध्यम से सदन में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक मोटी बजट पुस्तकों की जगह केवल वित्त मंत्री के भाषण और एक संक्षिप्त बजट हैंडआउट की छपाई की गई है। (Madhya Pradesh Budget 2026) सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

5 हजार करोड़ रुपये तक के प्रावधान संभव

माना जा रहा है कि यह देश का पहला ऐसा राज्य बजट है, जिसमें सालाना प्रावधानों के साथ तीन साल का रोडमैप भी पेश किया गया है। आगामी चुनावों को देखते हुए बजट में शहरी विकास पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। नगरीय निकायों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए करीब 5 हजार करोड़ रुपये तक के प्रावधान किए जा सकते हैं। इसके अलावा किसानों के लिए भी बड़े ऐलान की उम्मीद है। कृषि से जुड़े कई विभागों के बजट में बढ़ोतरी और नई योजनाओं के साथ पुरानी योजनाओं के विस्तार की संभावना जताई जा रही है।

“प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है।” : वित्त मंत्री

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण में कहा कि “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने हर हाथ को काम और हर उपज को दाम देने का प्रयास किया है। वर्ष 2026 को किसान कल्याण को समर्पित बताया गया। (Madhya Pradesh Budget 2026) उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और राज्य देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया है और आर्थिक बदलाव लाने का प्रयास किया है।

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