हर प्रारूप की भारतीय पुरुष टीम में ‘अविश्वसनीय’ प्रतिभा का स्तर: सारा टेलर
हर प्रारूप की भारतीय पुरुष टीम में ‘अविश्वसनीय’ प्रतिभा का स्तर: सारा टेलर
… संस्कृति गौबा …
वडोदरा, दो फरवरी (भाषा) इंग्लैंड की पूर्व विकेटकीपर और गुजरात जायंट्स की क्षेत्ररक्षक कोच सारा टेलर ने भारत को आगामी पुरुष टी20 विश्व कप के खिताब का मजबूत दावेदार मानते हुए कहा कि सभी प्रारूपों में जबरदस्त पावर-हिटिंग ने भारत को विश्व क्रिकेट में एक मजबूत ताकत बना दिया है। उन्होंने कहा कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) ने महिला क्रिकेट के विकास को तेज किया है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ डब्ल्यूपीएल एलिमिनेटर से पहले टेलर ने सोमवार को यहां कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां मौजूदा पीढ़ी पारंपरिक कलात्मक बल्लेबाजी शैली में ताकत भी जोड़ रही है। टेलर ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘ वे सही दिशा में बढ़ रही हैं और पिछले साल की तुलना में उन्होंने काफी सुधार किये हैं। उन्होंने कहा, “घरेलू क्रिकेट में खिलाड़ी जिस सहजता से बड़े शॉट खेल रहे हैं, वह अविश्वसनीय है। पांच साल में भारत बिल्कुल उड़ान भर रहा होगा।” टेलर ने कहा कि अब ऐसे खिलाड़ी भी लगातार बाउंड्री पार कर रहे हैं, जिनकी कद-काठी बहुत मजबूत नहीं है। कुछ साल पहले हालांकि ऐसा कम ही देखने को मिलता था। उन्होंने कहा, “आपके पास छोटी कद-काठी की युवा लड़कियां हैं, जो आसानी से छक्के लगा रही हैं। पहले यह ताकत खेल का हिस्सा नहीं थी।” उन्होंने डब्ल्यूपीएल की भूमिका पर कहा कि इस लीग ने युवा भारतीय खिलाड़ियों को ब्रिटेन में होने वाले महिला टी20 विश्व कप से पहले अहम अनुभव दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें दूधिया रोशनी में खेलते हुए करीबी मुकाबलों का अनुभव मिल रहा है। वे दुनिया की कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए यह काफी चीजें सीख रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विश्व कप में जाने से पहले इन लड़कियों को कोई परेशानी नहीं होगी। वे यह सब कर चुकी हैं।’’ टेलर ने अनुष्का शर्मा जैसी युवा खिलाड़ियों को भविष्य का सितारा बताते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में सीखने की ललक ही उनके तेजी से सुधार की वजह है। उन्होंने कहा, ‘‘वे सीखना चाहती हैं और यही सबसे खूबसूरत बात है। वे सिर्फ बेहतर ही होती जाएंगी।” टेलर ने भारतीय पुरुष टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनका हालिया प्रदर्शन देश में उपलब्ध प्रतिभा की असाधारण गहराई को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने जो हालिया श्रृंखला खेली है, उसे देखकर साफ है कि वे कितना अच्छा कर रहे हैं। भारत बेहद मजबूत है। उनके पास जितनी प्रतिभा है, वह वाकई हैरान करने वाली है।” उन्होंने कहा, “वे जो कुछ ऐसे शॉट्स खेलते हैं जिसे देखकर हम सोचते है कि ‘लेग स्टंप की गेंद कवर के ऊपर से कैसे चली गई’?’’ इंग्लैंड के प्रति अपनी निष्ठा के चलते खिताब की भविष्यवाणी से बचते हुए टेलर ने कहा कि भारत हमेशा टी20 विश्व कप के प्रमुख दावेदारों में शामिल रहेगा। उन्होंने कहा, “वे हमेशा शीर्ष पर रहते हैं और आगे भी रहेंगे। मैं इंग्लैंड की बड़ी प्रशंसक हूं, इसलिए यह नहीं कह सकती कि भारत जीत ही जाएगा, लेकिन वे निश्चित रूप से शीर्ष दावेदारों में होंगे।” अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को याद करते हुए टेलर ने स्पष्ट किया कि 30 साल की उम्र में इंग्लैंड क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला केवल मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा नहीं था, बल्कि चयन और अनुबंध को लेकर स्थिति की स्पष्टता भी इसकी वजह थी। उन्होंने कहा, ‘‘ उस समय बैठकों में जो हो रहा था, उससे मुझे पता था कि मुझे अनुबंध नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने कहा, “मैं उस बैठक में जाना नहीं चाहती थी और फिर बात यहां तक आ गई कि ‘ठीक है, मैं यहीं खत्म करती हूं’।’’ टेलर ने इस फैसले को अपने ‘शानदार करियर’ का स्पष्ट निष्कर्ष बताते हुए कहा कि इस अनुभव ने एक कोच के रूप में उनके नजरिए को भी आकार दिया है। उन्होंने कहा, “मैंने पूरी मेहनत की और मेरा करियर शानदार रहा। उस समय हालात यही थे।” भाषा आनन्द सुधीरसुधीर

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