वैष्णवी की प्रेरणादायक जीत और युगल में जीत से भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया
वैष्णवी की प्रेरणादायक जीत और युगल में जीत से भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया
(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) अंकिता रैना की शनिवार को यहां डेयोन बैक से मिली हार के बाद भारत की बिली जीन किंग कप (बीजेकेसी) टेनिस टूर्नामेंट के विश्व ग्रुप के प्लेऑफ में जगह बनाने की उम्मीदें खत्म हो गई थी लेकिन वैष्णवी अडकर ने अपने से ऊंची रैंकिंग वाली सोह्युन पार्क पर शानदार जीत हासिल की जिससे मेजबान टीम ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से शिकस्त दी।
दिन की शुरुआत में भारत अंक तालिका में चौथे स्थान पर था। शीर्ष दो में जगह बनाने की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को कोरिया के खिलाफ 3-0 से जीत जरूरी थी। कप्तान विशाल उप्पल ने पहले एकल मैच में अपनी सबसे अनुभवी खिलाड़ी अंकिता को उतारा, लेकिन डेयोन ने यह मुकाबला जीत कर भारत की उम्मीद पर पानी फेर दिया।
विश्व में 581वीं रैंकिंग की खिलाड़ी 33 वर्षीय अंकिता ने 343वीं रैंकिंग वाली कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ पहला सेट आसानी से गंवा दिया लेकिन दूसरे सेट में उन्होंने कड़ी चुनौती पेश की। आखिर में हालांकि उन्हें एक घंटे 55 मिनट तक चले मैच में 1-6, 5-7 से हार का सामना करना पड़ा। अंकिता ने इस टूर्नामेंट में इससे पहले कोई एकल मैच नहीं खेला था। वह केवल युगल में ही प्रतिस्पर्धा कर रही थीं।
भारत की नंबर एक खिलाड़ी वैष्णवी ने मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। उन्होंने पार्क को 7-6(2) 7-6(5) से हराकर शानदार जीत दर्ज की। पार्क की रैंकिंग 276 है जो वैष्णवी से 107 स्थान ऊपर हैं।
हाल में बेंगलुरु में हुए डब्ल्यू100 टूर्नामेंट में वैष्णवी का प्रदर्शन बहुत प्रभावशाली रहा था जिसमें उन्होंने शीर्ष-130 में शामिल दो खिलाड़ियों को हराया था और उसके बाद कालाबुरागी में हुए डब्ल्यू35 टूर्नामेंट का खिताब भी जीता था। उन्होंने उसी आत्मविश्वास के साथ इस मुकाबले में भी हिस्सा लिया।
अंकिता और ऋतुजा भोसले ने मुकाबले का फैसला करने वाले युगल मैच में डेयोन बैक और यूनहे ली को 6-2, 6-2 से हराकर भारत के अभियान का समापन किया।
भारत तीसरे स्थान पर रहा और कोरिया (चौथे स्थान) के साथ एशिया ओसनिया ग्रुप एक में बना रहा। थाईलैंड और इंडोनेशिया क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहकर विश्व ग्रुप प्ले-ऑफ के लिए क्वालीफाई कर गए। न्यूजीलैंड और मंगोलिया ग्रुप दो में रेलीगेट हो गए।
मुकाबले के पहले ही दिन थाईलैंड के हाथों भारत की अप्रत्याशित हार ने उसके क्वालीफाई करने की संभावनाओं को झटका दिया।
वैष्णवी और पार्क के बीच दो घंटे 17 मिनट तक चले इस मुकाबले में अक्सर ‘सर्व ब्रेक’ देखने को मिले और दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन रैलियां हुईं। दोनों ही खिलाड़ियों ने आक्रामक शॉट खेले, जिसके चलते उनसे कुछ ‘अनफोर्स्ड एरर’ भी हुईं, लेकिन मुकाबले की तीव्रता ने इसे अंत तक रोमांचक बनाए रखा।
अंकिता को मैच में कई मौके मिले लेकिन वह इनका फायदा नहीं उठा पाई। उन्होंने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक गंवाए जिसका आखिर में उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। पहले सेट के शुरुआती गेम में उन्होंने दो ब्रेक प्वाइंट हासिल किए, लेकिन दोनों को भुनाने में नाकाम रहीं।
अगले गेम में उन्हें ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा जब उनके ड्रॉप शॉट को डेयोन ने जोरदार तरीके से भुनाया, लेकिन उन्होंने एक लंबी रैली के बाद इसे बचा लिया और अंत में ओवरहेड वॉली से विजयी शॉट लगाया।
हालांकि छह ड्यूस प्वाइंट के बाद फोरहैंड शॉट नेट में जाने के बाद अंकिता ने एक और ब्रेक का मौका दिया और इस बार कोरियाई खिलाड़ी ने इसका फायदा उठाते हुए एक और कमजोर ड्रॉप शॉट पर फोरहैंड विनर लगा दिया।
लगभग 30 मिनट बाद कोरियाई खिलाड़ी ने 3-0 की शानदार बढ़त बना ली। जल्द ही स्कोर 4-0 हो गया जब अंकिता ने एक डीप रिटर्न पर फोरहैंड शॉट नेट पर मार दिया।
अंकित ने अगले गेम में कोरिया खिलाड़ी की सर्विस तोड़कर दर्शकों में कुछ उत्साह भरा लेकिन इसके बाद सातवें गेम में उन्होंने फिर से अपनी सर्विस गंवा दी और पहला सेट हार गईं।
अंकिता ने दूसरे सेट में अपनी ‘अनफोर्स्ड एरर्स’ में काफी कमी की और अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए आठवें गेम तक डेयोन के साथ बराबरी पर बनी रहीं। आत्मविश्वास से भरी अंकिता ने सातवें गेम में एक शानदार ड्रॉप शॉट लगाने के बाद दर्शकों से और जोर से तालियां बजाने का आग्रह किया।
इसके बाद आठवें गेम में डेयोन की लगातार कई गलतियों के कारण अंकिता को बढ़त बनाने का मौका मिला। अंकिता ने पहला ब्रेक प्वाइंट गंवा दिया, लेकिन फिर दूसरा ब्रेक प्वाइंट हासिल किया, जिसे उन्होंने कोरियाई खिलाड़ी के लंबे शॉट के बाद भुना लिया।
अंकिता इस ब्रेक का फायदा नहीं उठा सकीं और तुरंत अपनी सर्विस गंवा बैठीं। आखिरी झटका तब लगा जब 30-15 के स्कोर पर वह हाफ-वॉली नहीं खेल पाईं। उसके बाद उनके लगातार दो रिटर्न भी बाहर चले गए। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी ने कोई गलती नहीं की और मैच अपने नाम कर दिया।
भाषा पंत नमिता आनन्द
आनन्द

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