बीच के ओवरों में खेल को धीमा करना चाहते थे: इरास्मस

Ads

बीच के ओवरों में खेल को धीमा करना चाहते थे: इरास्मस

  •  
  • Publish Date - February 13, 2026 / 11:30 AM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 11:30 AM IST

(सुधीर उपाध्याय)

नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने आईसीसी टी20 विश्व कप के ग्रुप ए मैच में भारत के खिलाफ शिकस्त के बाद कहा कि मेजबान टीम की तूफानी शुरुआत के बाद वे खेल को धीमा करना चाहते थे और काफी हद तक इसमें सफल भी रहे।

भारत ने सात ओवर में एक विकेट पर 104 बनाकर तूफानी शुरुआत की थी लेकिन ऑफ स्पिनर इरास्मस (20 रन पर चार विकेट) की अगुआई में गेंदबाजों ने नामीबिया को वापसी दिलाई और मेजबान टीम अंतिम 13 ओवर में 105 रन ही जोड़ सकी।

इरास्मस ने नामीबिया की 93 रन की हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ बीच के ओवरों में खेल को धीमा करना हमेशा हमारी योजना का हिस्सा था। मुझे लगता है कि भारतीय टीम काफी लंबे समय से किसी भी तरह की तेज गेंदबाजी या किसी अन्य ऐसी चीज से नहीं डरती। इसलिए मुझे लगता है कि हमारा हथियार हमेशा अमेरिका की तरह ही था। मुकाबले को धीमा करना।’’

इरास्मस ने कहा कि वह अगर भारत को पावर प्ले में 60 रन के आसपास रोक पाते तो बेहतर होता। पावर प्ले का छठा ओवर काफी महंगा साबित हुआ जिसमें सलामी इशान किशन ने जेजे स्मिट पर लगातार चार छक्कों और एक चौके से 28 रन बनाए और भारत पावर प्ले में एक विकेट पर 86 रन बनाने में सफल रहा।

कप्तान ने कहा, ‘‘पावर प्ले ठीक जा रहा था और फिर बदकिस्मती से पावर प्ले का आखिरी ओवर काफी महंगा साबित हुआ। अगर हम उन्हें 60 के आसपास तक रोक पाते तो मुझे लगता है कि यह अच्छा काम होता।’’

इरास्मस ने भारतीय लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (दो ओवर में सात रन पर तीन विकेट) की भी सराहना की जिन्होंने नामीबिया के मध्यक्रम को ध्वस्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘उस समय को छोड़कर जब वरुण ने गेंदबाजी की तब के अलावा मुझे लगता है कि बाकी मैच सपाट विकेट पर खेला गया। कोई हवा नहीं थी या इस्तेमाल करने के लिए कुछ भी नहीं था। इस्तेमाल करने के लिए कोई एक लंबी बाउंड्री नहीं थी। मुझे लगता है कि उस गेंदबाजी प्रदर्शन के दौरान खिलाड़ी डटे रहे।’’

इरास्मस ने कहा कि उनकी टीम ने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया और लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी स्थिति में थी लेकिन फिर जल्दी-जल्दी तीन-चार विकेट गिरने से मौका गंवा दिया।

कप्तान ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि कुछ खिलाड़ियों ने टुकड़ों में अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन दुर्भाग्य से कुछ ओवरों में काफी रन लुटा दिए और बल्लेबाजी में भी लगातार तीन या चार विकेट खो बैठे। यह हिम्मत वाली बात है कि हम मैच जीतना चाहते हैं और मुझे लगता है कि सभी को इसी तरह खेलने की जरूरत है।’’

लक्ष्य का पीछा करते हुए नामीबिया की टीम एक समय 10वें ओवर में दो विकेट पर 86 रन बनाकर अच्छी स्थिति में थी लेकिन टीम ने अपने अंतिम आठ विकेट सिर्फ 30 रन पर गंवा दिए और 18.2 ओवर में 116 रन पर सिमट गई।

कप्तान की तरह मुख्य कोच क्रेग विलियम्स को भी मलाल है कि उनकी टीम मैच को करीबी बनाने में विफल रही लेकिन वह अपने खिलाड़ियों के प्रयासों से खुश हैं।

विलियम्स ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने जो हिम्मत दिखाई उससे हम बहुत खुश हैं। आठ ओवर (नौ ओवर) के बाद स्कोर 85 रन पर दो विकेट था। मुझे लगता है कि हमने खुद को इस मौके के लिए तैयार किया था और खुद से कहा कि देखते हैं हम कहां पहुंचते हैं। हमने रणनीति के हिसाब से फैसला किया। बीच के ओवरों को बहुत अच्छा रखने की कोशिश की और मुझे लगता है कि यहीं हमने कुछ विकेट गंवाए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम मैच को अंत तक नहीं ले जा सके। मुझे लगता है कि हमारा अंतिम स्कोर असल में हमारे खिलाड़ियों की शानदार कोशिश की झलक पेश नहीं करता।’’

मुख्य कोच ने कप्तान इरास्मस की गेंदबाजी की भी जमकर सराहना करते हुए कहा कि वह लगातार अपनी गेंदबाजी पर काम कर रहे हैं और उन्होंने दिखाया कि विश्व स्तरीय टीम के खिलाफ कैसे गेंदबाजी करते हैं।

विलियम्स ने कहा, ‘‘वह अपने वेरिएशन पर बहुत अधिक कड़ी मेहता करता है। वह दुनिया भर की कुछ लीग में क्रिकेट खेलता है और लगातार अपने खेल पर काम कर रहा है और यह देखने की कोशिश कर रहा है कि वह विरोधियों के खिलाफ और अधिक असरदार कैसे हो सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आज रात फिर उसने एक विश्व स्तरीय क्रिकेट टीम के खिलाफ दुनिया को अपना खेल दिखाया। उसने पहले टीम को बीच के ओवरों में वापसी दिलाई और फिर बेहद दबाव के बीच 19वां ओवर ओवर फेंकना। पहली गेंद पर छक्का लगने के बाद वापसी करना। मुझे लगता है कि यह बेहद शानदार था इसलिए मैं उसके लिए बहुत खुश हूं।’’

भाषा

पंत

पंत