Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर बन रहे ग्रहों का अनोखा संगम, इस समय साधना करने से मिलेगा चमत्कारी लाभ!

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Mahashivratri 2026: इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। यह महाशिवरात्रि विशेष है क्योंकि इस दिन और रात में ग्रहों के दुर्लभ संयोग बनेंगे। ऐसे समय में रात को की गई साधना बेहद लाभकारी मानी जाती है, जो मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने में मदद करती है।

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 01:28 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 01:29 PM IST

(Mahashivratri 2026/ Image Credit: Screengrab)

HIGHLIGHTS
  • महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को है।
  • इस बार महाशिवरात्रि है विशेष और दुर्लभ ग्रह संयोग के साथ।
  • रात के चार पहर में पूजा और साधना करना शुभ।

नई दिल्ली: Mahashivratri 2026 Shubh Sanyog हर साल फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पावन त्योहार मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यही वह दिन था जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। शिव-शक्ति के मिलन की याद में यह पर्व भक्तों द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त भोलेनाथ का व्रत रखते हैं और उनकी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

महाशिवरात्रि और ग्रह संयोग (Mahashivratri and Planetary Conjunctions)

इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। यह महाशिवरात्रि बेहद खास इसलिए है क्योंकि इस दिन और रात में ग्रहों के दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य, बुध और शुक्र विशेष स्थिति में रहेंगे, जिससे त्रिग्रही योग बनेगा। इसके अलावा, व्यतिपात योग, वरियान योग, ध्रुव योग और राजयोग जैसे कई शुभ योग भी बन रहे हैं। यह स्थिति 300 सालों में पहली बार बन रही है, जिससे इस महाशिवरात्रि की महत्व और बढ़ गया है।

रात में चार पहर की पूजा (Four Hour Worship)

महाशिवरात्रि के दिन रात के चार पहरों में पूजा का विधान है। यही कारण है कि रात भर जागकर साधना करने की परंपरा है। इस रात को जागने और पूजा करने से विशेष ऊर्जा मिलती है और भक्तों के जीवन में सुख-शांति और खुशहाली आती है। ज्योतिष गणना के मुताबिक, इस बार महाशिवरात्रि की रात ऊर्जा का स्रोत ऊर्ध्वगमनशील रहेगा, इसलिए साधना करने से विशेष लाभ होगा।

सबसे शुभ मुहूर्त (Most Auspicious Time)

अगर पूरी रात जागना संभव नहीं है तो एक 45 मिनट का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है, जिसमें पूजा और साधना करना चाहिए। यह मुहूर्त रात 12:09 बजे से 1 बजे तक रहेगा। इस समय ग्रहों का सबसे शुभ संयोग बन रहा है। इस दौरान की गई साधना और पूजा से विशेष लाभ और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

साधना से लाभ (Benefits of Meditation)

महाशिवरात्रि पर की गई साधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद मिलता है। इस रात में भगवान शिव और माता पार्वती अपने भक्तों को विशेष आशीर्वाद देते हैं। ग्रहों के दुर्लभ संयोग और शुभ मुहूर्त का लाभ उठाकर साधना करने से मानसिक और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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इस साल महाशिवरात्रि कब है?

इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी।

महाशिवरात्रि क्यों खास है?

इस बार महाशिवरात्रि दुर्लभ ग्रह संयोग और कई शुभ योगों के साथ हो रही है, जो 300 साल में पहली बार बन रहे हैं।

रात में कब साधना करना सबसे शुभ होगा?

रात 12:09 बजे से 1 बजे तक का 45 मिनट का मुहूर्त सबसे शुभ माना गया है।

महाशिवरात्रि पर क्या किया जाता है?

इस दिन भक्त भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं और रात भर साधना करते हैं।