हम अपने मानकों पर खरे उतरे: रिकॉर्ड आठवां एशिया कप जीतने के बाद हरमनप्रीत

हम अपने मानकों पर खरे उतरे: रिकॉर्ड आठवां एशिया कप जीतने के बाद हरमनप्रीत

हम अपने मानकों पर खरे उतरे: रिकॉर्ड आठवां एशिया कप जीतने के बाद हरमनप्रीत
Modified Date: September 14, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: September 14, 2026 12:18 am IST

दुबई, 13 सितंबर (भाषा) भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रविवार को कहा कि श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतना टीम के लिए तय किए गए ऊंचे मानकों पर लगातार खरा उतरने का नतीजा है।

शेफाली वर्मा (68) और स्मृति मंधाना (59) के शानदार अर्धशतकों के बाद श्री चरणी (20 रन पर चार विकेट) की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया। इस जीत के साथ भारत ने पिछले सत्र के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का बदला लेते हुए आसानी से खिताब वापस हासिल किया।

हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘हमने अपने लिए कुछ बहुत ऊंचे मानक तय किए थे और हमें हर दिन उन पर खरा उतरना था। जिस तरह से हम सभी ने मिलकर प्रदर्शन किया, उससे मैं काफी खुश हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमारे अंदर कितनी क्षमता है और हमारे पास एक शानदार टीम है। हमने अपने तय मानकों के अनुरूप खेला, क्योंकि यहां आने से पहले हमने इसी बारे में चर्चा की थी। हमारे कुछ मानक हैं और हमें हर दिन उन पर खरा उतरना है।’’

कप्तान ने कहा, ‘‘हम सभी के प्रदर्शन से बहुत खुश हैं। लड़कियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में 184 रन का स्कोर खड़ा करना बड़ी बात है।’’

सलामी बल्लेबाजों शेफाली और मंधाना की तारीफ करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘हम सभी जानते थे कि वापसी करना आसान नहीं होगा, लेकिन हमारी सलामी बल्लेबाजों ने हमारे लिए शानदार काम किया। स्मृति और शेफाली ने जिस तरह बल्लेबाजी की, वह बेहतरीन था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘शेफाली का टूर्नामेंट बहुत अच्छा रहा। उन्हें जिम्मेदारी लेते हुए बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए योगदान करते देखना अच्छा लगा। ’’

मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी टीम के मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने शेफाली की आक्रामकता, मंधाना की शैली और टीम के तीन प्रमुख स्पिनरों के योगदान को जीत में अहम बताया।

मजूमदार ने मैच के बाद कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ पर बेहद गर्व है। आज पिच शानदार था और हमने उसका अच्छा फायदा उठाया। हमारी बल्लेबाजी बहुत मजबूत रही और हमने बहुत अच्छी शुरुआत की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पूरे टूर्नामेंट के दौरान पिच थोड़ी धीमी रही और गेंद काफी टर्न हुई। इसलिए बड़ा स्कोर बनाकर उसका बचाव करना हमारी रणनीति थी। हमारे पास तीन शानदार स्पिनर थे और यही हमारी रणनीति थी।’’

शेफाली और मंधाना की सलामी जोड़ी के बारे में मजूमदार ने कहा कि दोनों की अलग-अलग शैली एक-दूसरे की पूरक है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बाएं औश्र दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन है। शेफाली की अपनी शैली है। उनकी ताकत और आक्रामकता विपक्षी टीम को दबाव में डाल देती है। स्मृति में शानदार सहजता है और दोनों एक-दूसरे की शैली की पूरक हैं।’’

भारत को 183 रन तक पहुंचाने में पांच गेंद में चौका और छक्का लगाकर नाबाद 15 रन बनाने वाली 18 वर्षीय जी कमालिनी ने कहा कि उनके लिए यह जीत खास है।

कमालिनी ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल अलग एहसास है। मैं 18 साल की हूं और टीम में कई सीनियर खिलाड़ी हैं। मैंने उनसे मानसिक रूप से बहुत कुछ सीखा है। सीनियर खिलाड़ियों का रवैया यह है कि वे 100 रन पर आउट हों या शून्य पर, उनका मानसिक संतुलन एक जैसा रहता है। मैंने उनसे यही सीखा है।’’

भारत के लिए अपना पहला बड़ा टूर्नामेंट खेल रहीं मध्यम गति की गेंदबाज नंदनी शर्मा ने कहा कि टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है और उन्होंने क्रांति गौड़ के साथ अपनी गेंदबाजी साझेदारी की योजना के लिए टीम के साथियों और सहयोगी स्टाफ को श्रेय दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए यह मेरा पहला बड़ा टूर्नामेंट है, इसलिए बहुत अच्छा लग रहा है। इसका श्रेय मेरी टीम की साथियों और सहयोगी स्टाफ को जाता है। उन्होंने स्पष्ट योजनाएं बनाई थीं। सभी का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है। अब हमारा ध्यान अभ्यास पर रहेगा और उम्मीद है कि हम एशियाई खेलों में भी जीत हासिल करेंगे।’’

विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने प्रशंसकों को शानदार माहौल बनाने का श्रेय दिया और कहा कि कुछ विकेट हासिल करने के बाद टीम को भरोसा था कि वह अपने स्कोर का बचाव कर लेगी।

ऋचा ने कहा, ‘‘प्रशंसकों ने जिस तरह हमारा समर्थन किया और उत्साह बढ़ाया, उससे माहौल शानदार रहा। शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आ रही थी लेकिन बाद में पिच धीमी होने लगी। हमारे बल्लेबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और हमें पता था कि अगर हम दो विकेट हासिल कर लें तो उन्हें रोकने में सफल रहेंगे।’’

भाषा आनन्द

आनन्द


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