अहमदाबाद, 31 मई (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान रजत पाटीदार का कहना है कि वह विराट कोहली का जितना भी शुक्रिया अदा करें कम है।
पाटीदार ने कहा कि उन्होंने न सिर्फ उनकी बल्लेबाजी के तकनीकी पहलुओं पर कीमती सुझाव दिए, बल्कि टीम के सभी जूनियर सदस्यों के लिए एक मजबूत सहारे की तरह खड़े होकर उनका साथ भी दिया।
पाटीदार ने आरसीबी को लगातार दूसरी बार खिताब जिताने में 500 से ज्यादा रन बनाए, उन्होंने अपनी टीम के सबसे सीनियर सदस्य का उनके सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया।
कोहली के बारे में बात करते हुए पाटीदार ने कहा, ‘‘मैं अपनी बल्लेबाजी को जिस नजरिए से देखता हूं, मैं हमेशा उन चीजों पर काम करने की कोशिश करता हूं जहां मैं सुधार कर सकता हूं, खासकर तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ। मुझे कोहली भाई से बहुत मदद मिली। जब भी मैं उन्हें देखता हूं, वे हमेशा टीम और सभी खिलाड़ियों के लिए मौजूद रहते हैं। वे युवा खिलाड़ियों के पास खुद जाते हैं, भले ही वे उनके पास जाने में हिचकिचाते नहीं। ’’
कप्तान के तौर पर अपनी दूसरी जीत पर पाटीदार ने कहा कि जब वह नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दाखिल हुए तो पिछले साल की जीत की बहुत सारी यादें ताजा हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने मन को काबू में रखकर वर्तमान पर ध्यान केंद्रित किया।
पाटीदार ने कहा, ’’बहुत ही शानदार महसूस हो रहा है। पिछले साल की बहुत सारी यादें थीं, लेकिन हमें वर्तमान पर ही ध्यान देना था। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं, लेकिन बहुत अच्छा लग रहा है। द’’
पिच का अंदाजा होने के कारण, पाटीदार जानते थे कि लक्ष्य का पीछा करना आसान होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी योजना बिल्कुल साफ थी। लक्ष्य का पीछा करना आसान था। हम उनके शुरुआती तीन बल्लेबाज़ों को आउट करना चाहते थे। पूरे टूर्नामेंट के दौरान हमारे गेंदबाजों का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा है। भुवी (भुवनेश्वर कुमार), (जोश) हेज़लवुड, सलीम रसिख (डार), कृणाल (पंड्या), शेपी (रोमारियो शेफर्ड) सभी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ’’
चार साल पहले, पाटीदार ने लवनीत सिसोदिया के चोटिल होने पर उनकी जगह टीम में बुलाए जाने के कारण अपनी शादी टाल दी थी और 2025 आते-आते, उन्हें एक बेहद सूझबूझ भरे फैसले के तहत टीम की कप्तानी सौंप दी गई।
अगर कोई उन्हें उनकी जिंदगी की इस कहानी के बारे में पहले से बता देता, तो शायद पाटीदार को उस पर यकीन ही नहीं होता।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं आरसीबी के लिए दो (आईपीएल खिताब) जीतूंगा। यह सब किस्मत में लिखा था। पिछले साल, बहुत ज्यादादबाव था। इस साल, हमें खुद पर भरोसा था। टूर्नामेंट से पहले की मेरी तैयारी भी बहुत अच्छी रही। ’’
आखिर में, पाटीदार ने कन्नड़ में खेल प्रेमियों को संबोधित किया, ‘ए सालानू कप नामडू’ (इस बार भी कप हमारा ही है)।’
भाषा नमिता
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