युकी भांबरी फिट होकर फिर टेनिस खेलने को तैयार

युकी भांबरी फिट होकर फिर टेनिस खेलने को तैयार

युकी भांबरी फिट होकर फिर टेनिस खेलने को तैयार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:34 pm IST
Published Date: February 17, 2021 1:14 pm IST

(अमनप्रीत सिंह)

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) भारत के सर्वश्रेष्ठ एकल खिलाड़ियों में शुमार युकी भांबरी घुटने की चोट के ठीक नहीं होने के कारण टेनिस छोड़ने का मन बना चुके थे लेकिन महीनों की कड़ी मशक्कत और संयम के बाद वह एक बार फिर अपने पसंदीदा खेल में अपना हुनर दिखाने को तैयार हैं।

अक्टूबर 2018 के बाद से ही युकी दाहिने घुटने की चोट से परेशान थे जिसके लिये उन्होंने भारत, अमेरिका और स्पेन के विशेषज्ञों को दिखाया और उपचार के लिये 40 लाख रूपये खर्च कर दिये। लेकिन आस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ डॉक्टर एबोनी रियो से मिलने के बाद उन्हें भरोसा मिला कि वह वापसी कर सकते हैं।

युकी ने अब वापसी की घोषणा करते हुए अगले हफ्ते शुरू होने वाले एटीपी 250 सिंगापुर टेनिस ओपन में खेलने का फैसला किया।

उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘मेरे पास विकल्प यही था कि टेनिस छोड़ दूं या फिर वापसी करने की कोशिश करूं। मुझे लगा कि मेरे अंदर अभी खेल के काफी समय बचा है इसलिये वापसी करने की कोशिश की। कुछ भी गलत या सही नहीं होता, या तो आप कोशिश करो या फिर पछतावा करते रहो। ’’

युकी को टूर्नामेंट में खेलने के लिये फिटनेस हासिल करने में करीब 27 महीने लग गये। उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से बार बार एक सी एक्सरसाइज करते हुए कुछ दिन ऐसे होते हैं जब आप जूझते हो क्योंकि यह नीरस हो जाता है। 2020 में ऐसा भी समय आया जब मुझे लगा कि मैं वापसी नहीं कर पाऊंगा क्योंकि मैंने घुटने के लिये जो हो सकता था, वो सब किया लेकिन कुछ भी कारगर नहीं हो रहा था। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भाग्यशाली रहा कि लोगों का काफी सहयोग रहा। लेकिन अंत में यह आपको ही करना होता है। ’’

युकी को अपने करियर में चोटों से काफी नुकसान हुआ है। 28 साल के इस खिलाड़ी से जब पूछा गया कि उन्हें चोटों से उबरने में इतना समय क्यों लगता है तो उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं चोटिल हुआ तो उबरने में समय लगा। अगर डाक्टर कहते कि इसे ठीक होने में एक महीना लगेगा तो वास्तव में इसमें दो महीने लगते और अगर वह कहता कि छह महीने तो इसमें आठ महीने लगते। अपने अनुभव से मुझे चोटों के बारे में पता चल गया। इसलिये मैं लंबे रिहैबिलिटेशन के लिये मानसिक रूप से थोड़ा सा तैयार था। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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