लंदन, 13 जुलाई (एपी) अलेक्जेंडर ज्वेरेव को इस बात से किसी तरह की आपत्ति नहीं है कि उन्हें टेनिस में ‘‘तीसरे नंबर के खिलाड़ी’’ की संज्ञा दी जाती है।
लेकिन फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने और विंबलडन में अपने पहले फाइनल तक पहुंचने के बाद उनको उम्मीद है कि वह इससे कहीं आगे निकलने में सफल रहेंगे।
विंबलडन फाइनल में रविवार को सेंटर कोर्ट पर यानिक सिनर से हारने के बावजूद 29 वर्षीय ज़्वेरेव का मानना है कि वह इटली की दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी (सिनर) और फ्रांस के उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी कार्लोस अल्काराज़ के साथ मिलकर टेनिस को फिर से ‘बिग थ्री’ देने के लिए पहले से कहीं अधिक करीब हैं।
एक समय रोजर फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच को ‘बिग थ्री’ माना जाता था। इनमें से अब केवल जोकोविच ही खेल रहे हैं।
ज्वेरेव के फ्रेंच ओपन जीतने से पहले सिनर और अल्काराज़ ने मिलकर पिछले नौ ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट जीते थे। ज्वेरेव का यह पहला ग्रैंड स्लैम खिताब था।
ज्वेरेव ने विंबलडन फाइनल हारने के बाद कहा, ‘‘हमेशा यह चर्चा होती थी कि तीसरा खिलाड़ी कौन होगा। मैं हमेशा से तीसरा खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन तब मैं उन दोनों से काफी दूरी पर था। लेकिन एक तरह से मैं हमेशा से ही नंबर तीन रहा हूं। इसलिए अगर मैं उनके करीब पहुंचता हूं तो यह बहुत अच्छा होगा।’’
कलाई की चोट के कारण अल्काराज़ इस साल के फ्रेंच ओपन और विंबलडन में नहीं खेल पाए।
इस साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफाइनल में ज्वेरेव को अल्काराज़ से पांच सेटों में हार का सामना करना पड़ा था और अब विंबलडन फाइनल में वह सिनर से 6-7 (7), 7-6 (2), 6-3, 6-4 से हार गए।
ज्वेरेव ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने इन दोनों खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दी है। इस साल मैंने उन्हें हराया तो नहीं है, लेकिन मैं कहूंगा कि मैंने उनके सामने कड़ी चुनौती पेश की है।’’
एपी
पंत
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