राजनांदगांव में कारोबारी की हत्या, सुसाइड मैसेज में जीएसटी, नोटबंदी को जिम्मेदार कहा

राजनांदगांव में कारोबारी की हत्या, सुसाइड मैसेज में जीएसटी, नोटबंदी को जिम्मेदार कहा

राजनांदगांव में कारोबारी की हत्या, सुसाइड मैसेज में जीएसटी, नोटबंदी को जिम्मेदार कहा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:43 pm IST
Published Date: February 13, 2018 10:21 am IST

बीते रविवार ब्रोकर राजनांदगांव  निवासी महावीर चौरडिया (50) ने ट्रेन के सामने कूद के आत्महत्या कर ली थी।इस आत्महत्या की वजह करोडो रुपये का लेन देन बताया जा रहा था। आज पुलिस ने महावीर चौरडिया की खुदकुशी के मामले में 3 उद्योगपतियों के खिलाफ धारा 306  34  के तहत मामला दर्ज कर करवाई शुरू कर दी है। 

 

 

 

बताया जा रहा है कि रुपयों के लेन-देन को लेकर ही ब्रोकर ने खुदकुशी की थी इस आत्महत्या के पहले उसने वाट्सअप पर  सुसाइड नोट डाला था जिसमे कुछ उधोगपतियो के नाम का ज़िक्र किया था। उसने बताया था कि राजनंदगांव के कुछ बड़े व्यापारियों को करोड़ों रुपये की राशि उधार के रूप में दी थी। इस राशि में से एक बड़ी रकम के वापस ना होने पर परेशान होकर आत्महत्या करने का फैसला कर रहा है। 

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अपनी खुदकुशी से पहले महावीर ने 3 मिनट 29 सेकंड की एक ऑडियो क्लिप को राजनंदगांव के कुछ वॉट्सऐप ग्रुप्स में भेजा जिसमें उन्होंने जिले के कुछ व्यापारियों पर उनसे उधार में लिए 70-75 करोड़ रुपये वापस ना करने और उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था साथ ही जो घटना घट रही है उसके लिए जीएसटी को भी जिम्मेदार बताया। ऑडियो क्लिप में महावीर ने कहा कि वह अब उन्हें उधार देने वाले लोगों का सामना नहीं कर सकते हैं.इतना बोलने के बाद महवीर ने ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली थी। साथ ही अपने परिवार को सुरक्षित रखने का भी निवेदन किया था। 

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राजनांदगांव  एसपी प्रशांत अग्रवाल के मुताबिक जब महावीर के परिवार को इस ऑडियो क्लिप का पता चला उन लोगों ने पुलिस से इसकी शिकायत की। जब तक पुलिस वहां पहुँचती महावीर ने आत्महत्या कर चुकि थी। बीएनसी मिल के पीछे महावीर का क्षत-विक्षत शव  रेलवे ट्रैक के पास पुलिस ने बरामद किया था। अब महावीर की ऑडियो क्लिप और सुइसाइड नोट में दिए गए नामों के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में इस बात का पता चला था  कि महावीर ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से करीब 700 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था और इन्ही पैसे को वो अन्य व्यपारियो को उधर स्वरूप दिया था जिसे वे समय पर नहीं लौटा रहे थे जिसके कारण महावीर पर देनदारों का दबाव बढ़ गया था। 

वेब न्यूज़ IBC24


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