प्रशासन ने अनुसूचित कन्याओं के छात्रावास को निरोध केंद्र में बदलने की योजना रद्द की

प्रशासन ने अनुसूचित कन्याओं के छात्रावास को निरोध केंद्र में बदलने की योजना रद्द की

प्रशासन ने अनुसूचित कन्याओं के छात्रावास को निरोध केंद्र में बदलने की योजना रद्द की
Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: September 18, 2020 2:40 pm IST

गाजियाबाद, 18 सितंबर (भाषा) अनुसूचित जाति की छात्राओं के एक छात्रावास को अवैध विदेशियों के लिए निरोध केंद्र के तौर पर इस्तेमाल करने की योजना के विरोध के बाद प्रशासन ने ऐसा नहीं करने का फैसला किया है।

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने शुक्रवार को कहा कि प्रशासन निरोध केंद्र के लिए किसी और जगह की व्यवस्था करेगा और मौजूदा छात्रावास यथावत रहेगा।

उन्होंने कहा कि पहले सरकार ने खाली पड़े आम्बेडकर छात्रावास भवन को निरोध केंद्र में परिवर्तित करने का निर्णय लिया था।

छात्रावास सिहानी गेट पुलिस थाने की सीमा के तहत नंदग्राम क्षेत्र में स्थित है और इसमें 400 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है।

बसपा प्रमुख मायावती ने बृहस्पतिवार को इस कदम को दलित विरोधी बताया था।

उन्होंने ट्वीट किया, “गाजियाबाद में बसपा सरकार द्वारा निर्मित बहुमंजिला डा. अम्बेडकर एससी/एसटी छात्र हास्टल को ‘अवैध विदेशियों’ के लिए यूपी के पहले निरोध केंद्र के रूप में बदलना अति-दुःखद व अति-निन्दनीय। यह सरकार की दलित-विरोधी कार्यशैली का एक और प्रमाण। सरकार इसे वापस ले बीएसपी की यह मांग।”

भाषा शुभांशि प्रशांत

प्रशांत


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