आगरा के अगवा चिकित्सक को पुलिस ने बीहड़ से कराया मुक्त

आगरा के अगवा चिकित्सक को पुलिस ने बीहड़ से कराया मुक्त

आगरा के अगवा चिकित्सक को पुलिस ने बीहड़ से कराया मुक्त
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: July 15, 2021 3:00 pm IST

आगरा, 15 जुलाई (भाषा) आगरा पुलिस ने अगवा किये गये चिकित्सक उमाकांत गुप्ता को बृहस्पतिवार तड़के बीहड़ से मुक्त करा लिया। यह जानकारी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

पुलिस अधीक्षक (नगर) बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि अपहृत चिकित्सक को बदमाशों के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक युवती और एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य बदमाशों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ चिकित्सक गुप्ता का मंगलवार रात बदमाशों ने भगवान टॉकीज से अपहरण कर लिया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार बदमाश चिकित्सक को बीहड़ में रखकर कथित तौर पर पांच करोड़ की फिरौती वसूलने की फिराक में थे लेकिन पुलिस द्वारा बीहड़ में तलाशी अभियान शुरू किये जाने के चलते बदमाश चिकित्सक को छोड़कर भाग गये। सूत्रों के अनुसार पुलिस गिरफ्तार बदमाश और एक युवती से पूछताछ कर रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आगरा में ट्रांस यमुना कालौनी निवासी डॉ. उमाकांत गुप्ता का हाईवे के सर्विस रोड पर नर्सिंग होम है। सूत्रों के अनुसार डॉ. गुप्ता मंगलवार शाम साढ़े सात बजे के लगभग मोबाइल पर कॉल आने के बाद घर से निकले थे लेकिन वह वापस नहीं लौटे। सूत्रों के अनुसार मंगलवार रात 11 बजे परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

सूत्रों के अनुसार बुधवार को पुलिस ने चिकित्सक की कार के साथ एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया था जिसके बाद चिकित्सक के अपहरण के मामले की परतें खुलती चलीं गयीं। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इसके बाद अपहरण में शामिल एक युवती को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बीहड़ में तलाशी अभियान शुरू किया और बृहस्पतिवार भोर में बदमाश चिकित्सक को डांग में छोड़कर भाग निकले। उन्होंने बताया कि पुलिस चिकित्सक को धौलपुर ले गयी और इसके बाद उन्हें आगरा लाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अपहरण बदन सिंह तोमर गिरोह ने किया था जो बीहड़ में सक्रिय केशव गुर्जर गिरोह से जुड़ा है। पुलिस अब गिरोह के सरगना व अन्य बदमाशों की तलाश में जुटी है।

वहीं डॉ. उमाकांत गुप्ता के अनुसार करीब एक महीने पहले उनके अस्पताल में एक युवती अपने साथ एक युवक को लेकर आई थी और उसने बताया था कि वह मथुरा की रहने वाली है।

गुप्ता के अनुसार युवती ने बताया था कि युवक उसका भाई है, जिसको पथरी की शिकायत है और वह उसका इलाज कराने आई है। गुप्ता के अनुसार उनके बेटे ने 15 दिन पहले युवक का आपरेशन भी किया। उन्होंने बताया कि युवती ने उनसे कहा कि वह विधवा है और उसका कोई सहारा नहीं है और अगर उसे काम मिल जाये तो बहुत अच्छा होगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने उससे जगह खाली न होने की बात कही और जगह होने पर बताने के लिए कहा।

डॉक्टर उमाकांत के अनुसार युवती के अक्सर फोन आने लगे और वह नौकरी के लिए कहती थी। गुप्ता के अनुसार घटना वाले दिन युवती का उन्हें फोन आया था और उसने उन्हें भगवान टाकीज पर मिलने के लिए बुलाया। उन्होंने बताया कि वह अपनी कार से भगवान टाकीज पहुंचे और वहां उन्हें युवती मिली और वह आकर उनकी कार में बैठ गई।

गुप्ता के अनुसार युवती ने उनसे कहा कि उनकी गाड़ी के पीछे की गाड़ी में दो बाइकों पर छह बदमाश उनके पीछे चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोहता नहर पर उनकी कार के आगे बदमाशों ने अपनी बाइक लगा दी और कार को रोक लिया और युवती दूसरी बाइक पर बैठकर चली गई। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने उनकी पिटायी की और बाद में कार को इरादतनगर से होते हुए धौलपुर ले गए। उन्होंने बताया कि बाद में बदमाशों ने उन्हें कार से उतारकर बाइक पर बिठा लिया और उन्हें बीहड़ ले गए।

भाषा सं नीरज अमित

अमित


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