परमार्थ कार्यों को लेकर ‘अनुचित’ टिप्पणियों का अमिताभ ने ब्लॉग लिखकर दिया जवाब

परमार्थ कार्यों को लेकर ‘अनुचित’ टिप्पणियों का अमिताभ ने ब्लॉग लिखकर दिया जवाब

परमार्थ कार्यों को लेकर ‘अनुचित’ टिप्पणियों का अमिताभ ने ब्लॉग लिखकर दिया जवाब
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: May 10, 2021 2:06 pm IST

मुंबई, 10 मई (भाषा) बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने महामारी के दौरान उनके द्वारा किये जा रहे परमार्थ कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों पर सोमवार को ब्लॉग लिखकर जवाब देते हुए बताया कि वह परोपकार के अपने काम का ज्यादा जिक्र नहीं करना चाहते। उन्होंने हालांकि ऐसे कुछ परोपकारी कामों का जिक्र ब्लॉग में किया है, जो उन्होंने कोविड के इस दौर में किये।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट कर बताया था कि नयी दिल्ली के गुरुद्वारा रकाब गंज में श्री गुरु तेग बहादुर कोविड देखभाल केंद्र के लिये अमिताभ बच्चन ने दो करोड़ रुपये दान दिये हैं। इसके कुछ घंटों बाद 78 वर्षीय अभिनेता ने अपने ब्लॉग पर परोपकार के लिये अपने योगदान का जिक्र करते हुए लंबी पोस्ट लिखी।

इस पोस्ट में बच्चन ने कहा कि पिछले साल देश में जब महामारी का प्रकोप बढ़ा था तबसे उन्होंने जहां तक संभव हो सका लोगों की मदद की।

सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग द्वारा फिल्मी सितारों की तरफ से कोविड-19 महामारी से उबरने की दिशा में योगदान न करने को लेकर की जा रही आलोचनाओं पर बच्चन ने कहा कि किसी व्यक्ति द्वारा अपने परमार्थ कार्यों का प्रचार करना “शर्मिंदा” करने वाला लगता है।

उन्होंने ब्लॉग में लिखा, “हां मैं परमार्थ कार्य करता हूं, लेकिन हमेशा से मानना रहा है कि यह किया जाना चाहिए, न कि इसके बारे में बोला जाना चाहिए… आत्म चेतना में भी ऐसा करना शर्मिंदा करने वाला है…ऐसे पेशे में होने के बावजूद सार्वजनिक रूप से मौजूदगी दिखाने में शर्म महसूस होती है…।”

बच्चन ने कहा कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत कोष से अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को मास्क और पीपीई किट मुहैया कराया जबकि रकाबगंज साहिब गुरुद्वारा में दान के जरिये 250-450 बिस्तरों वाले देखभाल केंद्र की स्थापना में मदद की तथा दिल्ली और मुंबई में दान देने के लिये विदेशों से ऑक्सीजन सांद्रक खरीदे।

उन्होंने कहा, “दिल्ली में आज रकाबगंज साहिब गुरुद्वारा में 250-450 बेड के केयर सेंटर की स्थापना की गयी है और जल्द उनके लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स का इंतज़ाम किया जाएगा। इसका सीमित स्टॉक है, इसलिए जहां ज़रूरत है वहां दिल्ली और मुंबई में दिया जाएगा। ”

उन्होंने आगे लिखा है, “15 मई तक उनमें से 50 पोलैंड से आ रहे हैं जबकि 150 संभवत: अमेरिका..अन्य जगहों से। कुछ आ गए हैं और उन्हें अस्पतालों को दिया गया है।”

अभिनेता ने कहा कि जब वायरस का प्रसार हो रहा था तो उन्होंने दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारा में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के जरिये एक पूरा डायग्नोस्टिक सेंटर दान किया था। यह उन्होंने अपनी मां और सामाजिक कार्यकर्ता तेजी बच्चन तथा उनके माता-पिता के सम्मान में किया था।

अभिनेता ने कहा कि वह और उनका परिवार इंटरनेट पर रोजाना उनके बारे में की जाने वाली भद्दी बातों से कभी दबाव महसूस नहीं करता और चुपचाप लोगों की मदद करता है।

बच्चन ने अपने कुछ और परमार्थ कार्यों का जिक्र किया जिनमें 1500 किसानों का कर्ज चुकाकर उनकी आर्थिक मदद करना शामिल है।

अभिनेता ने यह भी साझा किया कि उन्होंने पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को आतंकी हमले में मारे गए सीआरपीएफ के 40 कर्मियों के परिवार की भी मदद की।

बच्चन ने कहा कि पिछले साल उन्होंने देश भर में एक महीने तक चार लाख से ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराया जबकि शहर में रोजाना करीब पांच हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था की।

भाषा

प्रशांत दिलीप

दिलीप


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