छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में 5.56 प्रतिशत लोगों में पाई गईं एंटीबॉडीज, आईसीएमआर ने जारी की सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में 5.56 प्रतिशत लोगों में पाई गईं एंटीबॉडीज, आईसीएमआर ने जारी की सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में 5.56 प्रतिशत लोगों में पाई गईं एंटीबॉडीज, आईसीएमआर ने जारी की सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: October 3, 2020 1:31 pm IST

रायपुर, 3 अक्टूबर 2020। आईसीएमआर ने छत्तीसगढ़ के दस जिलों में संपन्न सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट जारी की है। सर्विलेंस में प्रदेश के 5.56 प्रतिशत लोगों के शरीर में कोरोना संक्रमण के विरुद्ध लड़ने वाले एंटीबॉडीज की मौजूदगी पाई गई है। आईसीएमआर की टीम द्वारा सीरो सर्विलेंस के लिए दस जिलों से कुल 5083 सैंपल संकलित किए गए थे। इनमें से 283 सैंपलों में एंटीबॉडीज मिली हैं। इनमें आम लोगों के 97 और उच्च जोखिम समूह के 186 सैंपल शामिल हैं।

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सीरो सर्विलेंस के लिए हर जिले से आम नागरिकों के औसतन 240 और उच्च जोखिम वर्गों से 260 सैंपल लिए गए थे। आईसीएमआर, नई दिल्ली और आरएमआरसी (Regional Medical Research Centre), भुबनेश्वर द्वारा राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से दस जिलों के 20 विकासखंडों के 60 क्लस्टर्स में सीरो सर्विलेंस के लिए सैंपल संकलित किए गए थे। सर्विलेंस के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों से सैंपल लिए गए थे। सीरो सर्विलेंस की रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के 13.06 प्रतिशत, राजनांदगांव के 3.75 प्रतिशत, दुर्ग के 8.61 प्रतिशत, बिलासपुर के 7.2 प्रतिशत, जशपुर के 1.51 प्रतिशत, बलौदाबाजार-भाटापारा के 5.57 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज के 1.74 प्रतिशत, कोरबा के 2.79 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा के 8.2 प्रतिशत और मुंगेली के 3.64 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटीबॉडीज पाई गई हैं।

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सीरो सर्विलेंस के दौरान रायपुर जिले के दो विकासखंडों के तीन-तीन क्लस्टर्स में संकलित कुल 505 सैंपलों में से 66 पॉजिटिव पाए गए हैं। तिल्दा विकासखंड से लिए गए 158 सैंपलों में से 13 और धरसींवा (रायपुर) विकासखंड से संकलित 347 सैंपलों में से 53 एंटीबॉडी पॉजिटिव पाए गए हैं। राजनांदगांव जिले से लिए गए 506 सैंपलों में से 19 पॉजिटिव हैं। राजनांदगांव विकासखंड से संकलित 321 में से 15 तथा डोंगरगढ़ विकासखंड के 185 सैंपलों में से चार पॉजिटिव पाए गए हैं। दुर्ग जिले में लिए गए 499 सैंपलों में से 43 में एंडीबॉडीज की मौजूदगी पाई गई है। दुर्ग विकासखंड में संकलित 248 सैंपलों में से 25 तथा पाटन विकासखंड के 251 सैंपलों में से 18 पॉजिटिव पाए गए हैं।

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अविभाजित बिलासपुर जिले के 500 सैंपलों में से 36 में एंडीबॉडीज मिले हैं। बिल्हा (बिलासपुर) विकासखंड के 282 में से 28 और पेंड्रा विकासखंड के 218 में से आठ सैंपल पॉजिटिव हैं। जशपुर जिले के 524 सैंपलों में से आठ पॉजिटिव पाए गए हैं। वहां जशपुर विकासखंड से संकलित 333 में से पांच में और फरसाबहार विकासखंड के 191 में से चार सैंपलों में एंटीबॉडीज मिले हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में लिए गए 502 सैंपलों में से 28 एंटीबॉडी पॉजिटिव हैं। भाटापारा विकासखंड के 196 सैंपलों में से छह एवं बलौदाबाजार विकासखंड के 306 सैंपलों में से 22 पॉजिटिव पाए गए हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 515 सैंपलों में से नौ पॉजिटिव मिले हैं। बलरामपुर विकासखंड के 334 सैंपलों में से पांच तथा रामचंद्रपुर के 181 में से चार में एंटीबॉडीज मिले हैं।

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सीरो सर्विलेंस के लिए कोरबा जिले से संकलित 537 सैंपलों में से 15 पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरबा विकासखंड के 373 में से 11 और कटघोरा विकासखंड के 164 में से चार सैंपल पॉजिटिव हैं। जांजगीर-चांपा जिले के 500 सैंपलों में से 41 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नवागढ़ (जांजगीर) विकासखंड के 171 में से 16 एवं बम्हनीडीह (चांपा) विकासखंड के 329 में से 25 सैंपलों में एंटीबॉडीज मिली हैं। सर्विलेंस के लिए मुंगेली जिले से लिए गए 495 सैंपलों में से 18 एंटीबॉडी पॉजिटिव हैं। वहां पथरिया विकासखंड के 206 में से तीन तथा मुंगेली विकासखंड के 289 में से 15 सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

 


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com