पुलिस परिवार के आंदोलन को विभाग ने बताया अनुशासनहीनता, बर्खास्तगी की चेतावनी
पुलिस परिवार के आंदोलन को विभाग ने बताया अनुशासनहीनता, बर्खास्तगी की चेतावनी
बिलासपुर-न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस परिवार आंदोलन को लेकर नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक के हिस्से को छावनी बना दिया गया है।जिला पुलिस बल ने पूरी कोशिश की है कि पुलिस के कोई भी परिजन किसी तरह का धरना नहीं दे सकें, एकजुट नहीं हो सकें और कलेक्ट्रेट तक ज्ञापन देने भी नहीं पहुंच सके। पुलिस अपनी कोशिश में सफल रही, लेकिन परिजन भी बिना डरे नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट, आईजी आफिस तक फैले रहे। इस दौरान तीन महिला परिजनों को हिरासत में लिया गया है।
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ज्ञात हो की पुलिस कर्मियों के अधिकारों और वेतन भत्तों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर उनके परिजन सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं। इसी सिलसिले मेंं अलग अलग जिलों में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने का निर्णय हुआ था और परिजन शुक्रवार को नेहरू चौक पर जमा होने वाले थे, लेकिन पुलिस विभाग ने परिजनों के इस तरह के आंदोलन को अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसमें विभाग ने आरक्षकों की बर्खास्तगी की चेतावनी भी दी है।लेकिन बावजूद इसके शुक्रवार सुबह करीब 30 परिजन नेहरू चौक के पास स्थित कोन्हेंर चौक में जुटे, लेकिन वहां पुलिस पहुंच जाने के कारण अलग अलग होकर कलेक्ट्रेट पहुंचने की कोशिश की।परिजनों का कहना है कि आंदोलन नहीं करने की शपथ जवानों ने ली है, हम उनके परिजन हैं हमें तो अपनी मांगें सामने रखने का अधिकार होना चाहिए।
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उधर बिलासपुर जिले के एसपी का कहना है कि पुलिस एक्ट में है कि पुलिस जवान और उसके परिजन किसी तरह के आंदोलन में शामिल नहीं होंगे, इसे पुलिस द्रोह माना जाता है। इसलिए इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जिले के सभी पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों को ऐसे किसी भी आंदोलन में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी है, लेकिन इसके बाद भी कोई शामिल होगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, उन्होंने इस दौरान गिरफ्तार राकेश यादव को भी हिरासत में लेने की बात कही कही है।
वेब डेस्क IBC24

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