हाईपावर रिपोर्ट से पहले मोर्चा की ये है अपील, अध्ययन के बाद तय करेंगे आगे की रणनीति
हाईपावर रिपोर्ट से पहले मोर्चा की ये है अपील, अध्ययन के बाद तय करेंगे आगे की रणनीति
रायपुर। शिक्षाकर्मी मोर्चा ने छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों से अपील है की है कि जब तक हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो जाती तब तक किसी भी प्रकार के अटकलों को लेकर भ्रम की स्थिति न रखें। मोर्चा ने साफ तौर पर मांग की है कि समतुल्य वेतन निर्धारण की विसंगति दूर करते हुए समानुपातिक, क्रमोन्नति के आधार पर छठवें (समतुल्य/पुनरीक्षित) वेतनमान का निर्धारण कर विद्यमान वेतन पर सातवें वेतनमान के निर्धारण का लाभ देते हुए व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक के पद पर ही संविलियन स्वीकार होगा ।
शिक्षाकर्मी मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन, विकास राजपूत और चंद्रदेव राय ने प्रदेश के शिक्षाकर्मियों से अपील की है कि हम ने अलग–अलग तरीकों से शासन का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की और कई दौर की बैठकों में भी शासन–प्रशासन तक अपनी मांग मौखिक और लिखित रूप में स्पष्ट तौर पर पहुंचा चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि इन मांगों पर अब शासन को निर्णय लेना है और शिक्षाकर्मियों की कोई भी मांग सरकार से छिपी हुई नहीं है। प्रदेश के 18,0000 शिक्षाकर्मियों का एक साथ शिक्षा विभाग में संविलियन मोर्चा की प्रमुख मांग है और मोर्चा इसके लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए सोशल मीडिया में चल रही किसी भी प्रकार की कोई अफवाह को लेकर भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।
मोर्चा नेताओं ने कहा कि हम मुख्यमंत्री से लगातार अपील कर रहे है कि प्रदेश के शिक्षाकर्मियों के हित में जल्द से जल्द वह अपना निर्णय लें और कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद ही मोर्चा संचालक आपस में बैठकर निर्णय लेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। इसलिए प्रदेश के शिक्षा कर्मी रोज आ रहे अलग-अलग अटकलों को लेकर जरा भी भ्रमित न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मी मोर्चा आप सभी के हित के लिए संकल्पित है और आप सभी की ही लड़ाई आप सब के सहयोग से लड़ रहा है। विसंगतिपूर्ण संविलियन किसी भी कीमत पर मोर्चा द्वारा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वेब डेस्क, IBC24

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