छत्तीसगढ़ के हाॅटस्पाॅट बने कटघोरा में काबू पर हालात, 38 सौ सैंपल में एक भी पॉजिटिव नहीं, रंग लाई कलेक्टर की ये पहल..देखिए

छत्तीसगढ़ के हाॅटस्पाॅट बने कटघोरा में काबू पर हालात, 38 सौ सैंपल में एक भी पॉजिटिव नहीं, रंग लाई कलेक्टर की ये पहल..देखिए

छत्तीसगढ़ के हाॅटस्पाॅट बने कटघोरा में काबू पर हालात, 38 सौ सैंपल में एक भी पॉजिटिव नहीं, रंग लाई कलेक्टर की ये पहल..देखिए
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: April 27, 2020 12:16 pm IST

कोरबा। कोरोना का हाॅटस्पाॅट बन चुके कटघोरा के हालात फिलहाल काबू में नजर आ रहे हैं। यहां से भेजे गए 38 सौ से अधिक सैम्पल नेगेटिव आने के बाद स्वास्थ्य अमले सहित प्रशासन ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य अमले सहित एक-एक कोरोना वाॅरियर्स की सैंपल की जांच कराई गई है। काफी महत्वपूर्ण यह रहा कि प्रशासनिक प्रयासों और समय पर लिए गए बेहतर फैसलों के बीच कोरोना संक्रमण कटघोरा के मस्जिदपारा इलाके के केवल 100 मीटर एरिया में ही सिमटकर रह गया।

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बीते 10 दिनों से एक भी कोरोना मरीज पॉजिटिव नहीं आया है, कटघोरा में मिले 27 कोरोना मरीजों में से 23 ठीक होकर लौट चुके हैं। किसी भी हाॅटस्पाॅट जिले में ठीक होकर लौटने वाले मरीजों का यह आंकडा अब तक का सबसे बेहतर आंकडा है जबकि बचे 4 लोगों की सेहत में भी तेजी से सुधार की ख़बर है।

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एम्स के चिकित्सकों के बेहतर ईलाज की उपलब्धि के साथ ही प्रशासनिक तौर पर हाॅटस्पाॅट जिले की एकमात्र महिला कलेक्टर किरण कौशल के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं हैै। कटघोरा के कोर एरिया के सभी परिवारों की सैम्पलिंग होने व कटघोरा के एक-एक घर का सर्वे पूरा होने के बाद कलेक्टर किरण कौशल ने अब कोरबा के एक-एक घरों का सर्वे काम शुरू कराया है।

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स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाडी कार्यकर्ता और शिक्षकों की बनी टीम यहां एक-एक घर का सर्वे कर लोगों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे, वहीं एक वृहद रूप से रहवासियों का डेटा भी तैयार होगा जिससे किसी के भी कोरोना संदिग्ध नज़र आए जाने पर उसकी विस्तृत जानकारी प्रशासन के पास पहले से मौजूद रहे। देखा गया है कि कोरोना पाॅजिटिव मरीज मिलने के बाद काफी बड़ा समय काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग व कम्पिलीट लाॅकडाउन में निकल जाता है लेकिन पहले से जानकारी मौजूद रहने से इसमें आसानी होगी।

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वहीं दूसरी ओर सर्दी, खांसी, बुखार सहित गर्भवर्ती महिलाओं की जानकारी मिलने पर उनको घर पर ही उपचार किया जा सकेगा व जरूरत होने पर उनसे फाॅलोअप लेकर अस्पताल भी लाया जा सकता है। कोरोना चैन को तोड़ने कलेक्टर की यह पहल काफी प्रभावी मानी जा रही है।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com