मथुरा में चकबंदी के 24 वर्ष बाद भी नहीं हुए चक परिवर्तन, आए दिन किसानों में हो रहे विवाद

मथुरा में चकबंदी के 24 वर्ष बाद भी नहीं हुए चक परिवर्तन, आए दिन किसानों में हो रहे विवाद

मथुरा में चकबंदी के 24 वर्ष बाद भी नहीं हुए चक परिवर्तन, आए दिन किसानों में हो रहे विवाद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: December 2, 2020 10:55 am IST

मथुरा, दो दिसम्बर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गोवर्धन तहसील के राधाकुण्ड कस्बे में करीब 24 वर्ष पूर्व चकबंदी पूरी होने के बावजूद आज तक चक परिवर्तन नहीं कराए गए हैं जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किसानों ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जल्द ही चक परिवर्तन कराए जाने की मांग की है।

मीडिया में जारी पत्र की प्रति के अनुसार उन्होंने लिखा है कि तमाम शिकायतों पर भी प्रशासन ने न तो यहां चक परिवर्तन कराए हैं और न ही सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटवाए हैं।

पत्र में कहा गया है कि राधाकुण्ड में वर्ष 1996 में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण हो गई थी, अब तक 24 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक चक परिवर्तन नहीं होने से किसानों के बीच अक्सर झगड़े होते हैं।

गोवर्धन तहसील के उप जिलाधिकारी राहुल यादव ने संवाददाताओं को बताया कि यह वर्षों पुराना चकबंदी का मामला है, इसमें चकबंदी टीम के बिना राजस्व विभाग कुछ नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां राजस्व एवं चकबंदी विभाग की संयुक्त टीम आएगी और समस्याओं को दूर किया जाएगा।

भाषा सं शोभना

शोभना


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