मुख्यमंत्री ने दिये वर्षा जल संचयन कार्यों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने दिये वर्षा जल संचयन कार्यों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने दिये वर्षा जल संचयन कार्यों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: January 31, 2021 2:49 pm IST

लखनऊ, 31 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन और जिला स्तरीय अधिकारियों को वर्षा जल संचयन के कार्यों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिये हैं।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने ‘जल है तो कल है’ के महत्व को देखते हुए शासन और जिला स्तर के अधिकारियों को वर्षा जल संचयन कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबन्धन एवं विनियमन के लिए राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबन्धन एवं विनियमन अधिनियम-2019 लागू किया है। इसके तहत प्रदेश और जिला स्तर पर जल समितियों का गठन किया गया है।

योगी ने यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में चेकडैम तथा तालाबों की 278 परियोजनाओं (112 तालाब एवं 166 चेकडैम) का लोकार्पण किया। उन्होंने भूगर्भ जल पोर्टल की भी शुरूआत की।

उन्होंने सभी सरकारी भवनों, सरकारी-गैर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों, औद्योगिक क्षेत्रों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों आदि में प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाने के निर्देश दिये।

योगी ने कहा कि मथुरा, फिरोजाबाद और आगरा में खारे पानी तथा आर्सेनिक-फ्लोराइड से प्रभावित क्षेत्रों के लिए ‘वॉटर हार्वेस्टिंग’ आवश्यक है। वॉटर हार्वेस्टिंग के प्रभावी प्रयास से भविष्य में इन इलाकों में पानी की समस्या का समाधान किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि इन्सेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) सहित विभिन्न बीमारियों का कारण जल एवं उसकी शुद्धता के प्रति उदासीनता है। उन्होंने दावा किया कि शौचालयों के निर्माण और पेयजल की आपूर्ति से राज्य सरकार को इन्सेफेलाइटिस से होने वाली मृत्यु में 95 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता मिली है।

भाषा सलीम देवेंद्र

देवेंद्र


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