सुसाइड नोट पढ़कर कलेक्टर की आंखे भी हुई नम

सुसाइड नोट पढ़कर कलेक्टर की आंखे भी हुई नम

सुसाइड नोट पढ़कर कलेक्टर की आंखे भी हुई नम
Modified Date: November 29, 2022 / 08:49 pm IST
Published Date: February 1, 2018 8:59 am IST

बिलासपुर वो बच्ची कलेक्टर को अपना आदर्श मानती थी पढ़ लिख कर यूपीएससी की तैयारी  कर आईएएस बनना चाहती थी.लेकिन गरीबी ने उसे मौत को गले लगाने मजबूर कर दिया।ये कहानी है सोमवार को ट्रेन से कटकर अपनी जान देने वाली माधुरी सूर्यवंशी  की जिसके सुसाइड नोट को पढ़ने के बाद बिलासपुर कलेक्टर पी दयानंद की भी आंखे भर आई 

 बिलासपुर निवासी बीए फर्स्ट ईयर की छात्रा माधुरी ने सोमवार को ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली थी और खुदकुशी की वजह बेहद ही मार्मिक थी. माधुरी के सुसाइड नोट के मुताबिक वह कलेक्टर दयानंद से बेहद प्रभावित थी और उनकी ही तरह कलेक्टर बनना चाहती थी। लेकिन गरीबी ने उसे तोड़ दिया। 

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माधुरी के परिवार में सात सदस्य थे बेहद गरीब होने के बाद भी उसके पिता मजदूरी करके माधुरी को पढ़ा रहे थे लेकिन दिन प दिन बढ़ती महंगाई और घर के बढ़ते खर्च ने उसका धैर्य तोड़ दिया और उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लिया। बिलासपुर  कलेक्टर दयानंद को जैसे ही इस  घटना की जानकारी मिली वे तत्काल  पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। जब परिवार से बातचीत के दौरान माधुरी के पिता ने कलेक्टर को बताया कि  माधुरी आपसे बेहद प्रभावित थी और आपकी तरह आईएएस बनना चाहती थी तो कलेक्टर भी अपने आँसू नहीं रोक पाए 

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इस परिवार की माली हालात देखकर कलेक्टर दयानंद ने उस परिवार को हरसंभव मदद करने का आश्वाशन दिया है। साथ ही उन युवाओं से निवेदन भी किया है कि आपका लक्ष्य चाहे जो भी हो उसे पूरा करने के लिए आत्महत्या जैसे घातक कदम न उठाये सपनों को साकार करने के लिये धैर्य के साथ  कड़ी मेहनत जरुरी होती है। 

वेब टीम IBC24

 

 


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