राकांपा और उसके नेताओं को बदनाम करने की साजिश चल रही है, पार्टी का दावा

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राकांपा और उसके नेताओं को बदनाम करने की साजिश चल रही है, पार्टी का दावा

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  • Publish Date - July 2, 2021 / 11:26 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:35 PM IST

मुंबई, दो जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार के घटक दलों में से एक राकांपा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उसकी पार्टी और उसके नेताओं की छवि खराब करने की साजिश चल रही है।

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने यह बयान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य के उपमुख्यमंत्री और राकांपा के वरिष्ठ नेता अजीत पवार से कथित रूप से संबंधित एक चीनी मिल को सील करने के एक दिन बाद दिया। मलिक ने कहा, ‘अजीत पवार और उनके परिवार के खिलाफ जिस तरह से खबरें गढ़ी जा रही हैं वह गलत है।’ उन्होंने दावा किया, ‘ईडी ने चीनी मिल को सील कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। अजीत पवार और उनके परिवार के सदस्य किसी भी अवैध गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।’

गौरतलब है कि ईडी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक (एमएससीबी) के कथित घोटाले के संबंध में धन शोधन रोधी कानून के तहत सतारा जिले के चिमनगांव-कोरेगांव स्थित 65 करोड़ रुपये से अधिक की चीनी मिल-जंरडेश्वर सहकारी साखर कारखाना को कुर्क किया गया है।

ईडी ने यह भी कहा था कि अजीत पवार और उनकी पत्नी से जुड़ी कंपनी इस मामले में शामिल है।

इससे पहले, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने अजीत पवार और राज्य के एक अन्य मंत्री के खिलाफ मुंबई के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे द्वारा लगाए गए आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की थी। ईडी ने पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राकांपा नेता अनिल देशमुख के खिलाफ धन शोधन मामले में उनके परिसरों पर छापेमारी की थी। एजेंसी ने इस सिलसिले में देशमुख के दो सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया था। आरोपों के बाद अप्रैल में अपने पद से इस्तीफा देने वाले देशमुख ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

भाषा कृष्ण पवनेश

पवनेश