अदालत ने ‘तांडव’ के निर्देश, अन्य को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी

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अदालत ने ‘तांडव’ के निर्देश, अन्य को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी

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  • Publish Date - January 20, 2021 / 02:16 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:57 PM IST

मुंबई, 20 जनवरी (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को ‘तांडव’ के निर्देश अली अब्बास जफर, आमेजन प्राइम इंडिया की प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी को ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी। इन सभी के खलाफ वेब सीरीज के माध्यम से लोगों की धार्मिक भावनाओं को कथित रूप से आहत करने के सिलसिले में लखनऊ में मामला दर्ज किया गया है।

न्यायमूर्ति पी. डी. नाइक ने चारों को गिरफ्तारी से तीन सप्ताह की राहत दी है। इससे सभी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ में संबंधित अदालत में जाने का मौका मिल जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि आज दिन में उत्तर प्रदेश पुलिस की चार सदस्यीय टीम ‘मांडव’ के खिलाफ लखनऊ में दर्ज मामले की तहकीकात करने मुंबई पहुंची।

संभावना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस लखनऊ में दर्ज मामले के संबंध में वेब सीरीज के निर्माताओं और अभिनेताओं आदि का बयान दर्ज करेगी।

जफर और अन्य की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों आबद पोंडा और अनिकेत निकम ने अदालत को बताया कि उनके मुव्वकिल को लखनऊ की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी देने के लिए कुछ वक्त चाहिए इसलिए उन्हें फिलहाल गिरफ्तरी से अंतरिम राहत दी जाए।

ट्रांजिट अग्रिम जमानत अर्जी में कहा गया है, ‘‘आवेदक निर्दोष हैं और उनपर गलत आरोप लगाया जा रहा है।’’

पोंडा और निकम ने अदालत से कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम चारों को गिरफ्तार करने मुंबई आयी है इसलिए उन्हें गिरफ्तारी से राहत की आवश्यकता है।

चारों के खिलाफ सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के अलावा भादंसं की धाा 153ए (धर्म, नस्ल के आधार पर अलग-अलग समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295 (किसी भी समुदाय के धर्म का अपमान करने की मंशा से धार्मिक स्थल को क्षतिग्रस्त करना), 501(1)(बी) (तनाव पैदा करने की मंशा से सार्वजनिक तौर पर बदमाश करना) में मामला दर्ज किया गया है।

चारों ने बुधवार को अदालत में अर्जी दी थी।

उत्तर प्रदेश में ‘तांडव’ की टीम के खिलाफ लखनऊ, ग्रेटर नोएडा और शाहजहांपुर में कम से कम तीन प्राथमिकियां दर्ज हुई हैं।

भाषा अर्पणा माधव

माधव