योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू, कम दाम से गुस्सा
योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू, कम दाम से गुस्सा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के सब्र का बांध आखिर टूट गया। यहां के आलू उत्पादक किसान पिछले कुछ समय से लगातार मांग कर रहे हैं कि उनकी फसल को कम से कम 10 रुपये किलो की दर से खरीदा जाए। दूसरी ओर, किसानों को मंडियों में 4 रुपये किलो भी नहीं मिल रहा है।
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स्थानीय प्रशासन ने जब किसानों की मांग पर ध्यान नहीं दिया तो किसान आक्रोशित हो गए और बोरियों में आलू भर-भर कर ग्रामीण इलाकों से राजधानी लखनऊ आ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लखनऊ की सड़कों पर आलू फेंकने का काम किया और मुख्यमंत्री निवास के बाहर भी आलू फेंका।
Lucknow: Potatoes dumped outside Uttar Pradesh Assembly building by farmers in protest against low prices. Presently, farmers are getting Rs.4 per kg but they demand a minimum price of Rs.10 per kg for their potato produce, pic.twitter.com/fsQzu49F06
— ANI UP (@ANINewsUP) January 6, 2018
शुक्रवार की रात जब किसान लखनऊ की सड़कों, राज्यपाल निवास राजभवन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निवास के बाहर आलू फेंक रहे थे, उस दौरान पुलिस-प्रशासन का कोई अता-पता नहीं था। शनिवार सुबह जैसे ही किसानों के इस विरोध की खबर मिली, प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुबह से ही आनन-फानन में आलू उठवाने और सफाई कराने के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश आने लगे और पूरा प्रशासनिक अमला इसमें जुट गया।
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आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस सीज़न में आलू कौड़ियों के दाम बिक रहा है, जिसके कारण किसान बेहाल हैं। आलू की पट्टी के रूप में मशहूर अलीगढ़ से लेकर शिकोहाबाद तक और प्रदेश के बाकी आलू उत्पादक क्षेत्रों का एक जैसा हाल है। किसानों को मंडियों में दाम नहीं मिल रहा है, नतीजा ये है कि किसान पैसा देकर अपना आलू कोल्ड स्टोरेज से लेने तक नहीं आ रहे हैं.
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किसानों से कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू के बदले पैसा नहीं मिलने की आशंका को देखते हुए कोल्ड स्टोरेज मालिक भी कहीं-कहीं आलू सड़कों पर फ़ेंकवा रहे हैं. कुछ किसानों का कहना है कि चार रुपये किलो का भाव भी हर जगह नहीं मिल रहा है और कहीं-कहीं तो दो रुपये में भी बिक रहा है, जिससे आलू को खेत से मंडी तक लाने में हुआ खर्च भी नहीं निकल पा रहा है।
वेब डेस्क, IBC24

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