ठग ऑफ हिन्दूस्तान की तलाश है छत्तीसगढ़ पुलिस को, 30 लोगों से पौने सात करोड़ की ठगी
ठग ऑफ हिन्दूस्तान की तलाश है छत्तीसगढ़ पुलिस को, 30 लोगों से पौने सात करोड़ की ठगी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के एसईसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर 30 से ज्यादा लोगों से 6 करोड़ 78 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आपको बता दें कि आरोपी ने न सिर्फ एक जिले में अपनी ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। बल्कि दूसरे प्रदेश के लोगो को भी अपना शिकार बनाया बना लिया है। इतना ही नहीं एक विधवा महिलाओ की जमा पूंजी लेकर अब आरोपी फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने अलग अलग थानों में इसके खिलाफ 10 एफआईआर की है और आरोपियो पर इनाम घोषित कर उनकी तलाश में जुट गई है।
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बता दें कि आरोपी ने सबसे अलग अलग तरह की ठगी की वारदात की है। बिलकुल असली से दिख रहे जमीन के दस्तावेजो को देखकर एक बारगी कोरबा पुलिस को भी यकीन नहीं हुआ की ये जमीन के फर्जी दस्तावेज है और इन्ही दस्तावेजो के जरिये कोरबा जिले में शातिर आरोपी शंकर लाल रजक उसके दो बेटो समेत 5 लोगो ने मिलकर 10 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है। कोरबा के दीपक बांकिमोगरा, कुसमुंडा में आरोपियो के खिलाफ धोखाधड़ी के 10 अपराध दर्ज है जिसमे अब तक 6 करोड़ 78 लाख की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है जबकि जबकि कोरबा समेत सूरजपुर, कवर्धा, सरगुजा समेत कई जिलों में इसके ठगी के पीड़ित और हो सकते है जिससे पुलिस इंकार नहीं कर रही।कोरबा एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया की शंकर रजक और उसके साथियों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज है, 6 करोड़ 78 लाख की धोखाधड़ी सामने आ चुकी है, और भी पीड़ित सामने आ रहे है।
कैसे करता था ठगी
चलिये अब आपको यह बताते है कि यह ठग राज लोगो को अपना शिकार कैसे बनाता था। दरअसल शंकर लाल रजक की पत्नी जिला पंचायत सदस्य है और ये खुद एक समाजसेवी के रूप में कटघोरा में काम करता था.कोरबा के पाली में एसईसीएल की खदान खुल रही है ऐसे में इसने अपनी जमीन अधिग्रहण में आने की बात कह लोगो को लालच दिया की अगर वो जमीन खरीदते है तो उन्हें दोहरा लाभ होगा एक तरफ जहा जमीन खरीदने वाले को secl से मुआवजा मिलेगा साथ ही घर के युवा वर्ग को अधिग्रहण के बदले नौकरी।
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कोरबा पुलिस ने इस मामले में दो आरोपी रतन रजक और सिद्धार्थ महन्त को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करने के साथ ही उनपर इनाम घोषित कर जांच में जुट गई है। जांच में ये खुलासा हुआ है कि आरोपी सिद्धार्थ महन्त शासकीय नौकरी में था और राजस्व मामले का जानकार होने के कारण ही शंकर रजक ने उसे अपने गिरोह में शामिल किया और वही पुरे दस्तावेज तैयार करता था वही पकड़ाया दुसरा आरोपी रतन रजक फर्जी अधिकारी बनकर लोगो को जाल में फांसता था। पुलिस अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
वेब डेस्क IBC24

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