स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया नया प्रोटोकॉल, अब नहीं दी जाएंगी अनावश्यक दवाईयां, बेड उपलब्ध होने पर कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं करने पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया नया प्रोटोकॉल, अब नहीं दी जाएंगी अनावश्यक दवाईयां, बेड उपलब्ध होने पर कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं करने पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया नया प्रोटोकॉल, अब नहीं दी जाएंगी अनावश्यक दवाईयां, बेड उपलब्ध होने पर कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं करने पर होगी कार्रवाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: May 3, 2021 1:24 pm IST

रायपुर 3 मई। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली द्वारा जारी किये गए नए प्रोटोकाल अनुसार एवं राज्य के वरिष्ठ डाक्टरों की अनुशंसा पर कोविड के ईलाज हेतु स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा नया प्रोटोकॉल जारी किया गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली एवं आईसीएमआर की अनुशंसा अनुसार निर्देश जारी किए गए हैं कि रेमेडीसिविर, टोसीलिजुमाब एवं प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग केवल अस्पतालों में ही किया जाए। इन दवाओं को प्रिस्काइब करने वाले डाक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह इन दवाओं के संबंध में मरीज की आवश्यकता का आकलन कर लें एवं यह भी सुनिश्चित कर ले कि मरीज को अन्य कोई बीमारी जैसे किडनी रोग, ह्दय रोग, कैंसर आदि तो नहीं, यह दवाएं अभी एक्सपेरीमेंटल दवाएं हैं। अतः इन दवाओं को किसी भी मरीज को देने से पूर्व मरीज के परिजन से इन्फार्ड कंसेन्ट प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

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साथ ही राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए है कि इन दवाओं के उपयोग के संबंध में राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा दवाओं के उपयोग की ऑडिट की जाएगी एवं बिना किसी कारण ऐसी दवाएं प्रिस्काईब करने वाले डाक्टर के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर द्वारा 5 अलग-अलग दल बनाए जाएगें, जो कि निजी अस्पतालों का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि पोर्टल पर बेड उपलब्धता की जानकारी अद्यतन रहे एवं बेड उपलब्ध होने की स्थिति में किसी भी मरीज को भर्ती होने से वंचित न होना पड़े। यह भ्रमण दल अस्पतालों में मरीजों से मिल यह भी ज्ञात करेंगे कि अस्पताल द्वारा मरीजों को भर्ती से वंचित तो नहीं किया जा रहा। यदि कोई अस्पताल मरीज को बेड उपलब्ध होने के बावजूद भर्ती करने से इंकार करता है तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ उपचर्या गृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाए अधिनियम 2010 एवं नियम 2013 महामारी अधिनियम 1897 की कंडिका दो एवं छ.ग. एपिडेमिक डिसीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 की कण्डिका 3 के अंतर्गत ऐसे अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com