जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में नरसिंहपुर की जनता ने रखी बात

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जनता मांगे हिसाब: IBC24 की चौपाल में नरसिंहपुर की जनता ने रखी बात

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  • Publish Date - May 5, 2018 / 11:20 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:49 PM IST

जनता मांगे हिसाब में बात करते हैं मध्यप्रदेश की नरसिंहपुर विधानसभा की

नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति

नरसिंहपुर जिले की अहम विधानसभा सीट

भगवान नरसिंह की नगरी 

कुल मतदाता- 2 लाख 10 हजार 738

पुरुष मतदाता -1 लाख 10 हजार578

सीट पर जाति समीकरण है खास

सबसे ज्यादा 55 हजार पटेल मतदाता

फिलहाल सीट पर भाजपा का कब्जा

जालम सिंह पटेल हैं वर्तमान विधायक

नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र की सियासत

नरसिंहपुर विधानसभा में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है.. यहां की जनता ने बारी बारी से दोनों दलों को जीत का सेहरा पहनाया है.. पिछली चार विधानसभा चुनावों के आंकड़ों पर नजर डाले तो एक बार भाजपा तो एक बार कांग्रेस के विधायक रहे हैं.. जाहिर है यहां की जनता लोक लुहावने वादों के आधार पर नहीं व्यक्ति विशेष को ज्यादा महत्व देती है..यही वजह है की दोनों ही पार्टियां यहां ऐसे उम्मीदवार पर दांव खेलती है जो जनता की नजरों की कसौटी में खरा उतरे ।

नरसिंहपुर विधानसभा मध्यप्रदेश की अहम विधानसभा सीटों में शामिल रही है…यहां की राजनीति ने प्रदेश को कई सियासी दिग्गज दिए हैं…लेकिन इसके सियासी समीकरण की बात करें तो नरसिंहपुर का इतिहसा काफी दिलचस्प रहा है..कांग्रेस के कर्नल अजय नारायण मुशरान के बाद किसी भी एक पार्टी के उम्मीदवार लगातार यहां जीत दर्ज हासिल करने में असफल रहे हैं।  नरसिंहपुर की जनता हर बार अलग अलग पार्टी को मौका देती रही है…1998 से लेकर अब तक हर विधानसभा चुनाव में यहां विधायक बदलते रहे हैं..

1993 में नरसिंहपुर में बीजेपी के उत्तमचन्द लुनावत यहां चुनाव जीते.. तो 1998 में कांग्रेस के कर्नल अजय नारायण मुशरान ने बीजेपी के उत्तम चंद लुनावत को हराकर सीट पर कब्जा किया.. हालांकि 2003 में भाजपा प्रत्यासी जालम सिंह ने चुनाव जीता… 2008 में जालम सिंह बागी होकर उमाभारती की जनशक्ति पार्टी  से चुनाव लड़े.. पर कांग्रेस के  सुनील जायसवाल चुनाव जीते..बीजेपी ने यहां अश्विनी धोरेलिया को टिकट दिया था.. 2013 में जालम सिंह पटेल भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े..और सुनील जायसवाल को हराय। 

अब जब साल के आखिरी में चुनाव होने वाला है तो..एक बार फिर नरसिंहपुर में टिकट के लिए नेता जोर लगा रहे हैं..हमेशा की तरह नरसिंहपुर में कांग्रेस और भाजपा में एक से ज्यादा दावेदार टिकट के लिए मैदान में है।  भाजपा की बात की जाए तो वर्तमान विधायक जालम सिंह पटेल का नाम सबसे आगे है..हालांकि प्रताप पटेल भी इस रेस में शामिल हैं..वहीं दूसरी ओर कांग्रेस में दावेदारों की लंबी लिस्ट है…पूर्व विधायक सुनील जायसवाल के अलावा लाखन पटेल, मनोहर साहू, और वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष  मैथिलीशरण तिवारी भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं।  

नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के मुद्दे

नरसिंहपुर में फिलहाल भाजपा के जालमसिंह पटेल विधायक है जिन्हें हाल में ही शिवराज सरकार ने राज्यमंत्री बनाया है..लेकिन क्षेत्र की जनता की दुश्वारियां कम नहीं हुई है..जिन वादों और दावों के नाम पर नरसिंहपुर की जनता ने वोट दिया था…वो धरातल पर कहीं नजर नहीं आते..आने वाले चुनाव में ये यहां वही पुराने मुद्दे फिर गूंजने तय हैं..जिनका हिसाब वर्तमान विधायक को देना होगा। 

 नरसिंहपुर में आज़ादी के बाद से सरकारों और उनके नुमाइंदों ने विकास के लिए कभी कोई ठोस पहल नहीं की है.. पिछले 25 सालों में यहां एक भी उद्योग स्थापित नहीं हो सका है। नए उद्योगों के स्थापित होने की बात तो दूर पहले से स्थापित सोया प्लांट भी बंद हो चुके है।  जिससे भारी संख्या में युवा  रोजगार की तलाश में यहां से पलायन किया है.. स्वास्थ्य सुविधाएं भी वेंटिलेटर पर है..

छह महीने में 599 माताओं की कोख उजाड़ने का कलंक भी नरसिंहपुर की शासकीय हॉस्पिटल पर लगा जिसका दाग अब तक नही धूल सका है.. नरसिंहपुर में लोगों की आय का मुख्य स्रोत कृषि है.. पर अन्नदाता का यहां लगातार शोषण होता आया है कभी किसान शुगर लॉबी के हाथ ठगा जाता है तो कभी समर्थन मूल्य पर बेची उपज की राशि पाने के लिए प्रशासन की चौखट पर एड़ियां रगड़ने मजबूर होना पड़ता है। कुपोषण के मामले में तो नरसिंहपुर अव्वल ही है।  पिछले 25 सालों से विकास के लिए तरस रही नरसिंहपुर विधानसभा  में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था दोयम दर्जे की है.. जर्जर भवन में बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं तो उच्च शिक्षा के लिए भी यहां के युवाओं को अन्य जिलों का रुख करना पड़ता है। 

 कुल मिलाकर किसानों का मुद्दा हो या महिला अपराध का बढ़ता ग्राफ या फिर चाहे लचर स्वास्थ व्यवस्था की ही बात क्यों न हो..आने वाले चुनाव में नेताओँ को इन सवालों का जवाब देना होगा। 

 

वेब डेस्क, IBC24