परमबीर के पत्र, वाजे प्रकरण से धूमिल हुई महाराष्ट्र सरकार की छवि, आत्मचिंतन करें सहयोगी दल: राउत

परमबीर के पत्र, वाजे प्रकरण से धूमिल हुई महाराष्ट्र सरकार की छवि, आत्मचिंतन करें सहयोगी दल: राउत

परमबीर के पत्र, वाजे प्रकरण से धूमिल हुई महाराष्ट्र सरकार की छवि, आत्मचिंतन करें सहयोगी दल: राउत
Modified Date: November 29, 2022 / 07:57 pm IST
Published Date: March 21, 2021 8:35 am IST

मुंबई, 21 मार्च (भाषा) शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को स्वीकार किया कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों और सचिन वाजे प्रकरण के कारण राज्य की महा विकास आघाडी सरकार की छवि को नुकसान हुआ है।

इसके साथ ही राउत ने कहा कि सभी सहयोगी दलों को आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि उनके पैर जमीन पर हैं या नहीं। राउत ने संवाददाताओं से यह भी कहा कि “कुछ ठीक किए जाने की जरूरत है” और सत्ताधारी सहयोगी दलों को आपस में बैठकर चर्चा करनी चाहिए कि यह दाग कैसे धुलेंगे।

राउत का बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को शनिवार को लिखे पत्र में सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख, पुलिस अधिकारियों को बार और होटल से प्रतिमाह 100 करोड़ रुपये वसूली के लिए कहते थे।

राज्य के गृहमंत्री देशमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है।

राउत ने कहा, “सरकार या मंत्रियों पर लगे इस तरह के आरोप दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाले हैं। (सिंह के पत्र में) जो कुछ भी लिखा है वह सनसनी पैदा करने वाला है।”

उन्होंने कहा, “पत्र की विषयवस्तु की सच्चाई की जांच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और (राकांपा अध्यक्ष) शरद पवार करेंगे। महा विकास आघाडी सरकार ने डेढ़ साल पूरा कर लिया है और सभी सहयोगी दलों को आत्मचिंतन करना चाहिए कि उनके पैर जमीन पर हैं या नहीं।”

राउत ने कहा कि पुलिस प्रशासन किसी भी सरकार की रीढ़ ही हड्डी होती है जो गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है तथा सरकार को हमेशा इसे मजबूत रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह रविवार को दिल्ली में शरद पवार से मुलाकात करने का प्रयास करेंगे।

भाषा यश मनीषा

मनीषा


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