इंदौर बस हादसे की मृतक बच्ची की आंखें रौशन करेंगी किसी की जिंदगी
इंदौर बस हादसे की मृतक बच्ची की आंखें रौशन करेंगी किसी की जिंदगी
इंदौर। जीना तो है उसी का, जो औरों के काम आए। इंदौर की एक मासूम बच्ची के परिवार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी हर प्रशंसा कम है। ये बच्ची तो अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी आंखें किसी और की ज़िंदगी रौशन करेंगी। इंदौर में शुक्रवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल की स्कूल बस और ट्रक के बीच जबर्दस्त टक्कर हो गई थी, जिसमें पांच बच्चों और बस ड्राइवर की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे ने पूरे देश की आंखें नम कर दी थीं।
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इस दुर्घटना के मृतकों में कृति अग्रवाल नाम की छात्रा भी थी। इस बच्ची के घरवालों ने अपनी ज़िंदगी के सबसे दुखद पलों में एक ऐसा साहसिक फैसला लिया, जिसके लिए हर कोई उनके जज्बे को सलाम कर रहा है। कृति के माता-पिता ने ये फैसला लिया कि उनकी बेटी की आंखें भले ही हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो गईं, लेकिन उसकी आंखों से कोई और ज़िंदगी ज़रूर रौशन होगी। उन्होंने कृति की आंखें और उसकी स्किन डोनेट करने का फैसला लिया।
#MadhyaPradesh: Family of Kriti Agarwal, one of the children who lost lives in Indore school bus-truck collision incident donates her eyes and skin. #IndoreAccident pic.twitter.com/vTS12YCJfa
— ANI (@ANI) January 5, 2018
इस भयानक हादसे में मारे गए डीरपीएस, इंदौर के सभी बच्चे 7 से 15 साल के बीच के थे. बस भोपाल रोड से महू की तरफ आ रही थी, जिसके सामने से ट्रक आ रहा था. बताया जाता है कि बस पर से ड्राइवर का नियंत्रण हट गया और बस रेलिंग पर चढ़ती हुई ट्रक से बिल्कुल आमने-सामने टकरा गई.
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अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस परिवार ने कुछ ही देर पहले अपनी लाडली को खो दिया हो, उसके लिए आंखें और स्किन डोनेट करने का फैसला ले पाना कितना मुश्किल भरा रहा होगा। कृति के परिवार का ये फैसला पूरे समाज के लिए एक संदेश भी है कि जीने का मतलब सिर्फ खुद और अपने परिवार के लिए जीना नहीं होता बल्कि इंसानियत के लिए भी जीना है।
वेब डेस्क, IBC24

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