शिक्षा,स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है अभनपुर की जनता

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शिक्षा,स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है अभनपुर की जनता

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  • Publish Date - June 19, 2018 / 10:08 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:49 PM IST

जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की अभनपुर विधानसभा से…सियासी बिसात और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा के प्रोफाइल पर।

रायपुर जिले में आती है विधानसभा सीट

1 नगर पंचायत और 1 नगर पालिका शामिल

कुल मतदाता-1 लाख 75 हजार

महिला मतदाता-88 हजार 753

पुरुष मतदाता-86 हजार 247

28 फीसदी युवा मतदाता

वर्तमान में विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा

धनेंद्र साहू हैं कांग्रेस विधायक

देखें वीडियो-

अभनपुर की सियासत

चुनाव का काउंटडाउन शुरु होते ही अभनपुर में सियासी बिसात बिछने लगी है..कांग्रेस के कब्जे वाली इस सीट पर बीजेपी जीत दर्ज करने की कोशिशों में अभी से जुट गई है..इसके साथ ही विधायक की टिकट के दावेदार भी सक्रिय दिखाई देने लगे हैं । 

अभनपुर विधानसभा कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है…वर्तमान कांग्रेस विधायक धनेंद्र साहू चुनावी समर में 4 बार जीत दर्ज कर चुके हैं।बीते चुनावों में कांग्रेस के धनेंद्र साहू और बीजेपी के चंद्रशेखर साहू के बीच ही मुकाबला होता आया है…2008 में बीजेपी के चंद्रशेखर साहू ने जीत दर्ज की और कृषि मंत्री भी रहे..लेकिन 2013 में धनेंद्र साहू ने चंद्रशेखर साहू को शिकस्त दी।

अब चुनाव नजदीक हैं तो जहां बीजेपी पिछली हार का बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेगी तो वहीं कांग्रेस जीत बरकरार रखने को तैयारियों में जुट गई है..इसके साथ ही टिकट के दावेदारों की लाइन लगनी भी शुरु हो गई है..बात कांग्रेस की करें तो वर्तमान विधायक धनेंद्र साहू सबसे प्रबल दावेदार हैं..धनेंद्र साहू का टिकट पक्का माना जा रहा है..तो वहीं बीजेपी में दावेदारों की लंबी लिस्ट हैं..जिसमें सबसे उपर नाम हैं चंद्रशेखर साहू का..तो वहीं अशोक बजाज भी दावेदारों में शामिल हैं । इसके अलावा 

हृदयराम साहू और परदेशी राम साहू भी टिकट की दौड़ में हैं…JCCJ में भी टिकट की आस में लाइन लगी है.. डॉ  चन्द्रिका साहू, राधाकृष्ण टंडन,रुखमणी साहू और धनेश्वरी डांडे दावेदारों में शामिल हैं ।

अभनपुर के मुद्दे

सियासी नजरिए से तो चमकता दिखाई देता है अभनपुर लेकिन विकास के मानचित्र पर तस्वीर धुंधली नजर आती है…शिक्षा,स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसी समस्याओँ से जूझ रही है जनता ।

राजधानी से सटे अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास की रफ्तार सुस्त नजर आती है…  बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग अब भी तरस रहे हैं..पेयजल संकट से दो-चार हो रहे हैं लोग..शिक्षा और स्वास्थ्य की भी हालत खराब है…रोजगार भी एक मुद्दा है..क्योंकि अब भी यहां के युवा रोजगार की तलाश में शहरों का रूख करने के लिए मजबूर हैं । कहने को तो कई राईस मिल हैं..जो राखड़ और धुंआ तो देती हैं..पर रोजगार नहीं…।

विधानसभा क्षेत्र के पारागांव, लखना, कोलियारी, चंपारण्य और कुम्हारी में अवैध रेत उत्खनन भी एक बड़ी समस्या है । यही हाल दुलना के चूना पत्थर खदानों का भी है..इसके अलावा क्षेत्र का किसान भी परेशान है..किसानों के लिए ना सिंचाई के पर्याप्त साधन हैं और ना ही उपज का सही दाम मिल पा रहा है..इन सब समस्याओं के बीच विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं..प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय निर्माण  सवालों के घेरे में हैं ।

 

 

वेब डेस्क, IBC24