7 करोड़ की लागत से बन रहा केलो डेम नहर तैयार होने से पहले ही ढहा,महीनों बीतने पर भी नहीं आई जांच रिपोर्ट

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7 करोड़ की लागत से बन रहा केलो डेम नहर तैयार होने से पहले ही ढहा,महीनों बीतने पर भी नहीं आई जांच रिपोर्ट

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  • Publish Date - December 4, 2018 / 10:11 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:01 PM IST

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के लाखा में स्थित केलो डेम के निर्माणाधीन नहर के पूरा होने के पहले भी ढह जाने के मामले में जांच धीमी गति से चल रही है। घटना को डेढ़ महीने होने को आए लेकिन जांच टीम ने जांच रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं की है। जबकि मामले में कलेक्टर ने जांच के आदेश देते हुए टीम गठित की थी और पखवाड़े भर में जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे। ऐसे मे लेटलतीफी को लेकर अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर सवाल उठ रहे हैं।
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ज्ञात हो कि रायगढ़ जिले के लाखा में स्थित केलो डेम की निर्माणाधीन नहर तकरीबन डेढ़ महीने पहले अचानक ढह गई थी। नहर ढहने से जहां आसपास के तकरीबन 35 हेक्टेयर की फसल बर्बाद हो गई थी वहीं नहर का लाइनिंग वर्क व क्रास ड्रेनेज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ था। तकरीबन 7 करोड़ की लागत से बनी इस नहर से तकरीबन 1 हजार हैक्टेयर खेतों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना था। चूंकि डेम की शाखा नहर को पहाड के किनारे बनाया जा रहा था। बताया जाता है कि इस दौरान क्रास ड्रेनेज का ध्यान नहीं रखा गया जिसकी वजह से बारिश में नहर के नीचे की मिट्टी अंदर ही अंदर पोली हो गई और टेस्टिंग पीरिय़ड में ही नहर बह गया था।
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मामले में कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए थे और जांच के लिए डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय जांच टीम भी गठित की गई थी जिसमें एरिगेशऩ डिपार्टमेंट के साथ ही साथ पीडब्लूडी के इंजीनियरों को भी शामिल किया गया था। जांच टीम गठित हुए डेढ महीने होने को आए लेकिन अब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि अधिकारी जानबूझकर जांच में लेटलतीफी कर रहे हैं वहीं दोषी अधिकारियों को बचाया जा रहा है।