लोक सुराज अभियान: कार्यक्रम खत्म होते ही कूड़े में गए सैकड़ों आवेदन

लोक सुराज अभियान: कार्यक्रम खत्म होते ही कूड़े में गए सैकड़ों आवेदन

लोक सुराज अभियान: कार्यक्रम खत्म होते ही कूड़े में गए सैकड़ों आवेदन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:48 pm IST
Published Date: March 31, 2018 7:12 am IST

रायपुर। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जिम्मेदार अधिकारी कैसे पलिता लगाते हैं इसकी बानगी अभनपुर में लोक सुराज अभियान के दौरान देखने को मिली है. अभनपुर के मंदलोर गांव में लोक सुराज अभियान शिविर में लोगों के समस्याओं के लिए आवेदन तो ले लिए गए.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ SC-ST लामबंद, 2 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान

लेकिन जैसे ही ये कार्यक्रम खत्म हुआ. अधिकारी शिविर में ही सैकड़ों आवेदनों को फेंक कर चले गए. लोगों की नजर पड़ी हुई आवेदनों पर पड़ी, तो दस्तावेजों को लेकर थानें पहुंचकर इसकी शिकायत की गई. ग्रामीणों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. बहरहाल अधिकारियों की इस हरकत ने सरकार की कथनी और अफसरों की करनी को साफ जाहिर कर दिया है देखना लाजिमी होगा कि सीएम अपने जिम्मेदार सिपहसालारों पर क्या कार्रवाई करते हैं.

 

ये भी पढ़ें- निजी कर्मियों को रिटायर्मेंट पर मिलेगी 20 लाख रु ग्रैच्युटी, मातृत्व अवकाश हुआ 26 सप्ताह

लोक सुराज अभियान की शुरुआत परेशान गांव के गरीब और ग्रमीण लोगों की सहूलियत को देखते हुए की गई है. ताकि गांव में रहने वाले लोग भी अच्छी तरह से जीवन यापन कर सकें. क्योंकि ग्रामीणों की परेशानियां, उनकी शिकायतें अधिकारियों के फाइलों में दबे-दबे ही दम तोड़ देती है.

ये भी पढ़ें- क्या राहुल गांधी के फेरबदल से होगा कांग्रेस को फायदा ? बीके हरीप्रसाद से छीना प्रभार

इसी समस्याओं के समाधन को लेकर सीएम गांव-गांव चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को तय वक्त में काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया जाता है. और उस तयसीमा में अगर कोई अधिकारी काम नहीं कर पाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाती है.  

 

वेब डेस्क, IBC24


लेखक के बारे में