बच्चों को कोविड-19 से बचाने के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराए महाराष्ट्र सरकार : उच्च न्यायालय

बच्चों को कोविड-19 से बचाने के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराए महाराष्ट्र सरकार : उच्च न्यायालय

बच्चों को कोविड-19 से बचाने के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराए महाराष्ट्र सरकार : उच्च न्यायालय
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: May 12, 2021 12:44 pm IST

मुंबई, 12 मई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह बच्चों में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में उसे अवगत कराए।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने राज्य सरकार को सुनवाई की अगली तारीख 19 मई को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि जैसा कि विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि महामारी की तीसरी लहर भी आ सकती है जो बच्चों के लिए सर्वाधिक खतरनाक हो सकती है, उसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को पहले से ही कदम उठाने चाहिए और राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना चाहिए।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सखरे ने अदालत को बताया कि अप्रैल 2021 तक दस साल से कम आयु के 10,000 बच्चे कोविड-19 की चपेट में आए जिनमें से 17 की मौत हो गई।

उन्होंने अदालत को बताया कि महानगर में अब तक 10 से 18 साल तक की आयु के कम से कम 33 बच्चों की मौत हुई है।

अदालत ने इसपर कहा कि राज्य को विशेषज्ञों, बाल रोग चिकित्सकों और अन्य पक्षों से विमर्श कर बच्चों तथा उनकी देखरेख करने वालों के लिए स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना चाहिए।

इसने कहा, ‘‘बच्चे अपनी मां या अन्य किसी देखरेख करने वाले व्यक्ति के साथ होंगे। उनकी माताओं और देखरेख करने वालों के लिए भी अलग से इंतजाम कीजिए। इस संबंध में उठाये जा रहे कदमों के बार में जवाब दाखिल कीजिए।’’

भाषा

नेत्रपाल अनूप

अनूप


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