छत्तीसगढ़ पुलिस इन दिनों तेलंगाना की सीमा से लगे सुकमा जिलें में नक्सलियों के गढ़ में सड़क बनाने में लगी हुई है। इसके तहत सुकमा से कोंटा, दोरनापाल से जगरगुंड़ा, कोंटा से किस्टाराम, किस्टाराम से चिंतलनार, भेज्जी से चिंतलनार और भेज्जी से इंजोरम के बीच सडक निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। सुकमा से दोरनापाल के बीच सड़कें बन चुकी है। दोरनापाल से कोंटा तक की सडक का भी निर्माण कार्य चल रहा है। किस्टाराम से चिंतलनार के बीच किस्टाराम से सड़क बनती हुई आगे बढ़ रही है।
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भेज्जी से चिंतागुफा के बीच भी सड़क दोनों ओर से बनते हुए आगे बढ़ रही है। दोरनापाल से जगरगुंडा और भेज्जी से इंजोरम की बीच सड़क का काम पुर्णता की ओर है। अफसरों का दावा है जिस दिन ये सडकें पुर्ण हो जाएगी नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। जिस तरह से नक्सली किस्टाराम से चिंतलनार, भेज्जी से चिंतागुफा और दोरनापाल से जगरगुंड़ा के बीच सडक निर्माण मे लगी गाड़ियों ,रोड़ रोलर को जला रहे है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि नक्सली भी इस बात से वाकिफ है।
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यही वजह है कि वे नहीं चाहते कि उनके गढ़ में सडकें बने और उनका वर्चस्व खत्म हो। हम आपकों बता दें कि नक्सली पिछले तीन दशक से यहां पर सड़क नहीं बनने नहीं दे रहे है। इस बार पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन और च्ॅक् के द्वारा इन सड़कें बनाई जा रही है ।
वेब डेस्क, IBC24