भोपाल। प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालते ही कमलनाथ एक्शन मोड मे हैं। कमलनाथ ने अरुण यादव के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों पर रोक लगाना शुरु कर दिया है। दरअसल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया और अरुण यादव ने विधानसभा चुनावों के दावेदारों से 50 हजार रुपए नॉन रिफंडेबल अमाउंट के तौर पर वसूले थे, लेकिन कमलनाथ ने कुर्सी संभालते ही पहला बड़ा फैसला लेते हुए संगठन को निर्देश दिए हैं कि उन लोगों के डिमांड ड्राफ्ट वापस किए जाएं, जिनसे टिकट के नाम पर 50-50 हजार रुपए के डीडी ली गई थी। इनकी कुल राशि डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है।
यह भी पढ़ें –
#MadhyaPradesh भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में @OfficeOfKN ने कहा, मध्य प्रदेश का मीडिया निष्पक्ष है। आप ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति हैं। प्रश्न @OfficeOfKN का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के भविष्य का है।@INCMP @INCIndia
(File Pic) pic.twitter.com/X8hDFuSB2c
— IBC24 (@IBC24News) May 6, 2018
गौरतलब है कि कंगाली से जूझ रही कांग्रेस पार्टी ने चुनावी फंड जुगाड़ने के लिए नयी तरकीब आजमाई थी, जिसका विरोध ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दिल्ली आलाकमान के सामने भी की थी।
वेब डेस्क, IBC24