PM मोदी ने 35 लाख किसानों के खाते में डाले 1600 करोड़ रुपए, बोले- रातों रात नहीं आए कृषि कानून, इन पर कई सरकारों और संगठनों ने किया विमर्श

PM मोदी ने 35 लाख किसानों के खाते में डाले 1600 करोड़ रुपए, बोले- रातों रात नहीं आए कृषि कानून, इन पर कई सरकारों और संगठनों ने किया विमर्श

PM मोदी ने 35 लाख किसानों के खाते में डाले 1600 करोड़ रुपए, बोले- रातों रात नहीं आए कृषि कानून, इन पर कई सरकारों और संगठनों ने किया विमर्श
Modified Date: November 29, 2022 / 08:18 pm IST
Published Date: December 18, 2020 8:55 am IST

रायसेन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रायसेन में किसान कल्याण कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने प्रदेश के किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपए आनलाइन ट्रांसफर किए। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि बिना बिचौलिए के किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपए डाले गए हैं। पीएम ने कहा कि भारत की कृषि को आधुनिक सुविधा मिलनी चाहिए। हमारी प्राथमिकता भंडारण के लिए नए केंद्र स्थापित करना है। पीएम ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से मध्यप्रदेश के किसानों का नुकसान हुआ।

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बीते समय में ओले गिरने से मध्य प्रदेश के किसानों का नुकसान हुआ है। आज इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के ऐसे 35 लाख किसानों के बैंक खातों में 1600 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जा रहे हैं, पीएम मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने अपने घोषणा पत्र में सिर्फ वादे करते थे। पीएम ने कहा कि कृषि सुधार कानून रातों रात नहीं आए, इन कानूनों पर कई सरकारों और कई संगठनों ने विमर्श किया है।

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मोदी ने कहा कि तेजी से बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य में भारत का किसान, सुविधाओं के अभाव में, आधुनिक तौर तरीकों के अभाव में असहाय होता जाए, ये स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती। पहले ही बहुत देर हो चुकी है। जो काम 25-30 साल पहले हो जाने चाहिए थे, वो आज करने की नौबत आई है। बीते कई दिनों से देश में किसानों के लिए जो नए कानून बने, उनकी बहुत चर्चा है। ये कृषि सुधार, कानून रातों-रात नहीं आए। पिछले 20-22 साल से हर सरकार ने इस पर व्यापक चर्चा की है। कम-अधिक सभी संगठनों ने इन पर विमर्श किया है । 

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किसानों को उन लोगों से जवाब मांगना चाहिए जो पहले अपने घोषणापत्रों में इन सुधारों की बात लिखते थे, बड़ी-बड़ी बातें करके किसानों के वोट बटोरते रहे। लेकिन अपने घोषणा पत्र में लिखे वादों को भी पूरा नहीं किया। सिर्फ इन मांगों को टालते रहे क्योंकि किसान उनकी प्राथमिकता नहीं था । उनको(राजनीतिक दलों) पी​ड़ा इस बात से नहीं ​है कि कृषि कानूनों में सुधार क्यों हुआ। उनको तकलीफ इस बात से है कि जो काम हम कहते थे लेकिन कर नहीं पाते थे वो मोदी ने कैसे किया, मोदी को इसका क्रेडिट कैसे मिल जाए


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com