सत्ता संग्राम की पॉलिटिकल सर्जरी! इन परिणामों से सबक लेकर कांग्रेस करेगी बड़े बदलाव? खत्म हो गई बीजेपी की मुश्किलें? जानिए

सत्ता संग्राम की पॉलिटिकल सर्जरी! इन परिणामों से सबक लेकर कांग्रेस करेगी बड़े बदलाव? खत्म हो गई बीजेपी की मुश्किलें? जानिए

सत्ता संग्राम की पॉलिटिकल सर्जरी! इन परिणामों से सबक लेकर कांग्रेस करेगी बड़े बदलाव? खत्म हो गई बीजेपी की मुश्किलें? जानिए
Modified Date: November 29, 2022 / 08:04 pm IST
Published Date: November 11, 2020 6:18 pm IST

भोपाल। मध्यप्रदेश में बीजेपी उपचुनाव में 19 सीटें जीतकर 126 पर पहुंच चुकी है…वहीं कांग्रेस 100 के अंदर 96 पर ही अटक गई है…जाहिर है दोनों ही दलों परिणामों की समीक्षा तो करेंगे…कांग्रेस में कुछ पर कार्रवाई भी हो सकती है जबकि बीजेपी के सामने समस्या मंत्रियों के चयन को लेकर हैं…वैसे इन चुनावों ने शिवराज, सिंधिया और वीडी शर्मा की जोड़ी असरदार साबित हुई जबकि कांग्रेस के प्रचार की पूरी जिम्मेदारी कमलनाथ को निभानी पड़ी…दिग्विजय सिंह भी आखिरी वक्त में प्रचार के लिए निकले जबकि दूसरे नेताओं ने तो खुद को पूरी तरह से अलग ही रखा…ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन परिणामों से सबक लेकर कांग्रेस कुछ बड़े बदलाव करेगी या नहीं..

ये भी पढ़ें:मध्यप्रदेश में आज 883 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले, 13 मरीजों की मौत, 691 मरीज हुए स्वस्थ

मध्यप्रदेश बीजेपी की बंपर जीत के बाद ये तस्वीर बताती है कि प्रचार के दौरान की कड़वाहट अब राजनैतिक सौजन्यता में बदल चुकी है….पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद सीएम हाउस पहुंचे और सीएम को जीत के लिए बधाई दी…इन परिणामों से कुछ बातें तो साफ है.. बीएसपी के कारण कांग्रेस को 5 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है….चुनाव जीतने वाले 9 मंत्रियों में से 7 के वोटों में काफी इजाफा हुआ है….बीजेपी के बड़े वोट प्रतिशत से साफ है कि टिकाऊ और बिकाऊ के मुद्दे का असर नही पड़ा….कांग्रेस किसानों के कर्जमाफी के मुद्दों के भुनाने में कामयाब नहीं रही…इसके अलावा कांग्रेस का सोशल इंजीनियरिंग फैक्टर भी फेल ही रहा । वैसे इस वक्त बीजेपी ने हार के लिए कमलनाथ से ज्यादा दिग्विजय सिंह को निशाने पर ले रखा है।

ये भी पढ़ें: कलेक्टर ने 30 नवंबर तक पटाखों पर लगाया पूरी तरह से प्रतिबंध, बेचने-…

उमा भारती,पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा मप्र उपचुनाव में बीजेपी कार्यकर्ता का मजबूत चरित्र सामने आया है,दो साल पहले जिन्हें हराने में दम लगाया अब उन्हीं को जिताने में दम लगाया, मप्र में मोदी के साथ शिवराज सिंह, वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया के कारण जीत हुई। तो वहीं नरोत्तम मिश्रा, गृहमंत्री ने कहा कि स्वयं को मैनेजमेंट गुरु कहते थे। पर मैनेजमेंट था कहाँ? जो फेल हो जाता…राहुल के राजनीतिक गुरु नीतीश को सलाह दे रहे हैं पर उन्हीं की सलाह पर तो प्रदेश में पार्टी अर्श से फर्श पर आ गयी।

ये भी पढ़ें: कांग्रेस विधायक दल की बैठक खत्म, कमलनाथ ने कहा 2023 के चुनाव में जु…

वैसे इतनी बड़ी जीत के बाद बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं लग रहा है….मंत्री पद पर रहने के बावजूद चुनाव हारने वाली इमरती देवी हार के लिए भितरघात को वजह बता रही है तो एक बार फिर महाकौशल और विंध्य से हक की मांग भी उठने लगी है कांग्रेस के लिहाज से ये परिणाम उम्मीदों से कम साबित हुए हैं..मालवा निमाड़ की 7 सीटों में से पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली है…कांग्रेस बीएसपी के उम्मीदवारों को मैनेज नहीं कर पाई, जिसका खामियाजा उसे उठाना पड़ा…बीजेपी के खिलाफ जिन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाना था वो नहीं हो पाया…हर सीट पर प्रचार सिर्फ कमलनाथ के भरोसे ही रहा..दूसरे नेताओं को जिस सक्रियता से प्रचार करना था वो नहीं हुआ…कई सीटों पर गुटबाजी भी हार की वजह बनी, जाहिर तौर पर कांग्रेस अब इन परिणामों की समीक्षा करेगी और मुमकिन है कि चुनाव में काम नहीं करने वाले कुछ नेताओं पर कार्रवाई भी हो.।

ये भी पढ़ें: नेशनल हाईवे-92 पर तेज रफ्तार कार ने पिता-पुत्र को कुचला, दोनों की द…

उपचुनाव में 9 सीटें जीतने के बाद कांग्रेस के लिए सबसे सुकून की बात ये हैं ग्वालियर-चंबल का जो इलाका पाला बदलने से पहले सिंधिया का गढ़ माना जाता था वहां उसे 7 सीटें मिली है इसके अलावा कुछ सीटों पर अंतर भी कम रहा है….वहीं 126 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली बीजेपी के सामने नई मुश्किल है…गोविंद राजपूत और तुलसी सिलावट ने चुनाव प्रचार के दौरान ही मंत्री पद छोड़ा था जिनका मंत्री बनना तय है जबकि तीन मंत्री चुनाव हार चुके हैं और और आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं…ऐसे में बीजेपी के सामने संकट है कि किसे मंत्री बनाया जाए और किसे इंतजार करवाया जाए।

<iframe width=”560″ height=”315″ src=”https://www.youtube.com/embed/EVP-pnqKS4A” frameborder=”0″ allow=”accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture” allowfullscreen></iframe>


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com