राष्ट्रपति ने भारतीय रेलवे को धन्यवाद दिया

राष्ट्रपति ने भारतीय रेलवे को धन्यवाद दिया

राष्ट्रपति ने भारतीय रेलवे को धन्यवाद दिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:49 pm IST
Published Date: June 28, 2021 11:45 am IST

लखनऊ, 28 जून (भाषा) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिल्ली से कानपुर और लखनऊ की अपनी रेल यात्रा के लिए भारतीय रेलवे का धन्यवाद किया और भारतीय रेल सेवा में सक्रिय पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रपति सोमवार को कानपुर से विशेष ट्रेन (प्रेजिडेंशियल ट्रेन) से लखनऊ पहुंचे।

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवम शर्मा ने भाषा को बताया कि राष्ट्रपति ने अपनी यात्रा के बाद रेल विभाग की विजिटर्स बुक में भारतीय रेल की प्रशंसा की।

राष्ट्रपति ने लिखा, ”हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं से लेकर कन्याकुमारी के समुद्र तट तक और पूर्वोत्तर भारत की ‘हरी भरी’ धरती से लेकर गुजरात के पश्चिमी मरुस्थलों तक सरल और सुगम यातयात प्रदान करने वाली भारतीय रेल को मेरी शुभकामनाएं।”

उन्होंने कहा, ”लंबे समय के बाद, दिल्ली से कानपुर होते हुए लखनऊ तक की सुखद और मनोरम रेल यात्रा से मैं और मेरा परिवार अत्यंत प्रभावित है। इस स्मरणीय यात्रा में मुझे रूरा एवं झींझक में अपने पुराने मित्रों एवं सगे संबंधियों से मिलने का सुखद अनुभव प्राप्त हुआ। मेरा यह पूर्ण विश्वास है कि प्रतिदिन करोड़ों भारतीयों की प्रिय परिवहन सेवा के रूप में भारतीय रेल विश्वभर की रेल सेवाओं में अग्रणी स्थान बनाए रखेगी।”

कोविंद ने लिखा, ”भारतीय रेल सेवा में सक्रिय पूरी टीम को मेरा साधुवाद व शुभकामनाएं।”

राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ विशेष ट्रेन (प्रेजिडेंशियल ट्रेन) से 25 जून को कानपुर पहुंचे थे।

इससे पहले राष्ट्रपति भवन ने कहा था कि 15 साल के अंतराल के बाद कोई मौजूदा राष्ट्रपति ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं।

कोविंद से पहले 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के कैडेट्स की पासिंग आउट परेड में शामिल होने के लिए एक विशेष ट्रेन से दिल्ली से देहरादून पहुंचे थे।

राष्ट्रपति भवन के अनुसार, देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कई बार ट्रेन से सफर किया था। राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने बिहार की यात्रा के दौरान अपने जन्म स्थान सीवान जिले के जीरादेई का भ्रमण किया था। वह विशेष ट्रेन से छपरा से जीरादेई पहुंचे, जहां उन्होंने तीन दिन बिताए थे। उन्होंने ट्रेन से पूरे देश की यात्रा की थी।

डॉ. प्रसाद के बाद अन्य राष्ट्रपति भी देश के लोगों के साथ जुड़ने के लिए ट्रेन के सफर को प्राथमिकता देते रहे।

भाषा जफर नेत्रपाल

नेत्रपाल


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