आज से ‘रोका-छेका’ अभियान की शुरुआत, आवारा पशुओं को सुरक्षित रखना मकसद

आज से 'रोका-छेका' अभियान की शुरुआत, आवारा पशुओं को सुरक्षित रखना मकसद

आज से ‘रोका-छेका’ अभियान की शुरुआत, आवारा पशुओं को सुरक्षित रखना मकसद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: June 19, 2020 3:03 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में फसलों और पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए आज से रोका-छेका अभियान की शुरूआत करने जा रही है। यह अभियान 30 जून तक चलेगा।

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इसके तहत खुले में पशुओं की चराई पर रोक लगाने के साथ ही सड़कों पर घुमने वाले मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।

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इस अभियान का उद्देश्य खरीफ फसलों तथा शहरों के आसपास स्थित फसलों, बाड़ियों, उद्यानों आदि की सुरक्षा मवेशियों से करना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में बारहमासी खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खुले में चराई की प्रथा पर रोक लगाने और पशुधन प्रबंधन की व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री ने प्रत्येक गांव में रोका-छेका हेतु बैठक आयोजन से लेकर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ग्रामवार अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने गांवों में निर्मित गौठानों की मरम्मत के लिए जिलों को गौठानों की संख्या के मान से आवश्यक राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


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