अब ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने भी खोला मोर्चा, मांगों के लिए बुलंद की आवाज, सेवाएं रहीं बाधित

अब ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने भी खोला मोर्चा, मांगों के लिए बुलंद की आवाज, सेवाएं रहीं बाधित

अब ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने भी खोला मोर्चा, मांगों के लिए बुलंद की आवाज, सेवाएं रहीं बाधित
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: July 19, 2018 4:12 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने भी राज्य सरकार के खिलाफ एक दिवसीय मोर्चा खोला। उन्होंने आज सरकार के खिलाफ वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। बुधवार को हुए इस प्रदर्शन में रायपुर, दुर्ग संभाग सहित बस्तर और सरगुजा संभाग के करीब 10 हजार कर्मचारी शामिल हुए। हालांकि उनके प्रदर्शन के चलते प्रदेश भर के उप स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण, प्रसव व गर्भवती जांच और शिशु देखभाल जैसी सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं।

संघ की प्रांताध्यक्ष संध्या रानी मोवले ने कहा कि स्वास्थ्य संयोजक वेतन विसंगति से जूझ रहे हैं. संघ द्वारा लगातार ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को समस्या से अवगत कराया गया है लेकिन मांगों के संबंध में कार्रवाई आज तक नहीं हुई है।

यह भी पढ़ें : साइबर सुरक्षा पर बोले रमन, आज का युग डिजिटल टेक्नालॉजी का, दुरुपयोग की संभावनाएं बढ़ी हैं

उनकी मांगों में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक की वेतन विसंगति दूर कर संशोधित वेतनमान देना, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के पद को तकनीकी पद घोषित किया जाना, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की पदोन्नति सूची नियमानुसार जारी किया और संघ के राज्य व जिला स्तर के पदाधिकारियों के अवैतनिक अवकाश को वैतनिक किए जाने के साथ ही सुरक्षा की मांग शामिल है

वेब डेस्क, IBC24


लेखक के बारे में