मंदसौर में हुए किसान गोली कांड के बाद प्रदेश कांग्रेस द्वारा निकली जा रही स्वाभिमान यात्रा में कांग्रेसी बीजेपी सरकार को मंचों से खूब कोस रहे है आम जनता और किसानो की परेशानिया बयां करते हुए कांग्रेसी नेता अपनी भाषा की मर्यादा को नहीं संभाल पा रहे है और उत्तेजित होकर असंसदीय शब्दों का इस्तमाल कर रहे है, अब कांग्रेस नेताओं की यह उत्तेजना सच में आम जनता और किसानो की परेशानी को लेकर है या कई वर्षों से सत्ता रहने की पीड़ा यह समझ से परे है।
दरअसल सागर के सुरखी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेसी विधायक और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गोविन्द राजपूत राहतगढ़ में आयोजित कांग्रेस की स्वाभिमान यात्रा की सभा में बोल रहे थे,भाषण देते हुए राजपूत इतने उत्तेजित हुए की शब्दों की मर्यादा भी भूल बैठे।
आम जनता और किसानो की पीड़ा का नैसर्गिग रोष कहें या सत्ता से दूरी की खीज ,जो भी हो लेकिन सार्वजानिक मंचो से असंसदीय शब्दों का नेताओं द्वारा प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है,बहरहाल सुर्खी के राहतगढ़ में आयोजित कांग्रेस की इस स्वाभिमान यात्रा राजपूत में खुद ट्रेक्टर चलाकर पहुंचे थे, यात्रा में कांग्रेसी पाप का घड़ा लिखे मटको को लेकर चल रहे थे ,आंदोलनकारियों ने जमकर सरकार और प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की इसके बाद स्वाभिमान यात्रा सभा स्थल से एसडीएम कार्यालय पहुची जहाँ क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया गया।