घर की एक छत और फांसी के 6 फंदे, आखिर क्यों पड़ी इसकी जरुरत ? देखिए खास रिपोर्ट

घर की एक छत और फांसी के 6 फंदे, आखिर क्यों पड़ी इसकी जरुरत ? देखिए खास रिपोर्ट

घर की एक छत और फांसी के 6 फंदे, आखिर क्यों पड़ी इसकी जरुरत ? देखिए खास रिपोर्ट
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: March 29, 2018 4:34 am IST

राजिम के गोबरा नवापारा में बीमारी और जिंदगी की जंग हार चुके एक परिवार की दास्तां सामने आई है. जिसमें परिवार के मुखिया को तो राहत मिल गई.. लेकिन उसके परिवार के सामने जिंदगी और मौत के बीच की लड़ाई जारी है. एक रिपोर्ट

 

घर की छत से लटकते फांसी के 6 फंदे. जमीन पर पड़ी लाश और रोती बिलखती आवाजें. ये दर्दनाक नजारा है राजिम के गोबरा नवापारा की. जहां सोमवारी बाजार में 7 बाई 7 के किराए के मकान में रहने वाले चुम्मन लाल शुक्ला ने सिकलिंग की बीमारी और आर्थिक तंगी से परेशान होकर अपने पूरे परिवार के साथ मौत को गले लगाने का फैसला लिया. 

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घटना मंगलवार की है..जब घर के मुखिया ने अपनी पत्नी औऱ 4 मासूम बेटों के लिए भी फांसी का फंदा तैयार किया. और एक-एक कर मौत के आगोश में जाने की योजना बनाई. पत्नी और चार बेटों को बोरी के उपर खड़ा कर मौत को गले लगाने की शुरुआत चुम्मन लाल ने की.और सबसे पहले मौत के फंदे पर झूल गया. अपने पति और पिता को फंदे पर तड़पता देख पत्नी और बच्चे सहम गये और चुम्मनलाल को फंदे से निकालने की कोशिश करने लगे. लेकिन तब तक चुम्मन लाल की सांसें जा चुकी थी.

 

सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची. पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें मृतक ने सिकलिंग पीड़ित होने  और इसकी वजह से काम करने में असमर्थ होने के कारण परिवार के सामने खाने के लाले पड़ने की बात लिखी है.

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परिवार के तीन सदस्य खून की गंभीर बीमारी सिकलिंग से पीड़ित थे. जिससे इनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है. बच्चों को खाने के लिए तड़पता देख चुम्मन ने अपने पूरे परिवार के साथ सामूहिक आत्महत्या करने का कदम उठाया. जिसमें उसे तो बीमारी और भूख से मुक्ति मिल गई. लेकिन उसका परिवार जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के लिए जिंदा बच गया.

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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