छत्तीसगढ़ में सप्लाई हुई वैक्सीन बदली, पैसा लेने के बाद कंपनी ने वापस मांगी वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार का कु-प्रबंधन बताया

छत्तीसगढ़ में सप्लाई हुई वैक्सीन बदली, पैसा लेने के बाद कंपनी ने वापस मांगी वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार का कु-प्रबंधन बताया

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  • Publish Date - May 25, 2021 / 03:02 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:28 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वैक्सीन सप्लाई को लेकर के एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। छत्तीसगढ़ में सप्लाई हुई वैक्सीन ही बदल गई है। वैक्सीन कम्पनी ने छत्तीसगढ़ राज्य की वैक्सीन की जगह केंद्र सरकार के कोटे की वैक्सीन भेज दी है। पैसा लेने के बाद कंपनी ने राज्य सरकार के साथ सम्पर्क कर वैक्सीन वापस करने कहा है। फिलहाल वैक्सीन का उपयोग केंद्र सरकार द्वारा तय हितग्राहियों के लिए किया जाएगा।

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दरअसल, वैक्सीन बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ने पहले छत्तीसगढ़ को वैक्सीन भेजी, उसके बाद राज्य सरकार को पत्र लिखकर वापस करने कह दिया। बताया गया कि छत्तीसगढ़ को सप्लाई की हुई वैक्सीन दरअसल राज्य सरकार की नहीं केंद्र सरकार की कोटे की है। जिसे 18 साल से अधिक उम्र वालों की नहीं 45 साल से अधिक उम्र वाले हितग्राहियों को लगाई जानी है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और जिलों को सप्लाई की हुई वैक्सीन कोट सुरक्षित रखवा दिया गया। राज्य सरकार और कंपनी के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद यह तय हुआ कि वैक्सीन का उपयोग छत्तीसगढ़ में किया जा सकता है, लेकिन केंद्र सरकार के कोटे के तहत आने वाले हितग्राहियों को ही वैक्सीन लगाई जाएगी।

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आईबीसी24 के पड़ताल में सामने आया कि इस तरह की गड़बड़ी से छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए वैक्सीन का संकट गहरा गया है। आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 18 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के लिए 50 हजार वैक्सीन बची है, जो कि 2 से 3 दिन का ही कोटा है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के अनुसार यह स्थिति केंद्र सरकार के कु-प्रबंधन का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कंपनी के अनुसार वे जून के पहले सप्ताह में ही राज्य को वैक्सीन उपलब्ध करा सकेंगे। ऐसे में अगर वैक्सीन समाप्त हुई तो वैक्सीनेशन को बंद करना पड़ेगा।