Vande Bharat IBC24: मणिपुर में कैसे बनी शपथ की सियासत हिंसा की वजह?.. आखिर किसने लगाए कुकी विधायकों पर मैतेई नेतृत्व से समझौते के आरोप, देखें..

Ads

Vande Bharat IBC24: मणिपुर की नई सरकार में मैतेई, नगा और कुकी प्रतिनिधित्व दिखाया गया लेकिन यही संतुलन हिंसा की वजह बन गया। मणिपुर की पहली महिला डिप्टी सीएम बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकीं है।

  •  
  • Publish Date - February 6, 2026 / 11:50 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 11:51 PM IST

Vande Bharat IBC24 || Image- IBC24 news File

HIGHLIGHTS
  • शपथग्रहण के बाद चुराचांदपुर में हिंसा भड़की
  • डिप्टी सीएम नियुक्ति पर कुकी समुदाय में आक्रोश
  • असम राइफल्स तैनात, आंसू गैस का इस्तेमाल

Vande Bharat IBC24: इम्फाल: मणिपुर में नई सरकार की शपथ और कुछ ही घंटों में सड़कों पर हिंसा भड़क उठी। इम्फाल में लोकभवन के भीतर शपथग्रहण चल रहा था। डिप्टी सीएम बनाए जा रहे थे और उधर चुराचांदपुर में डिप्टी सीएम के नाम पर गुस्सा फूट पड़ा। नेम्चा किप्गेन और लोसी दिखो के शपथ लेने के बाद विरोध इतना उग्र हुआ कि सुरक्षाबलों को बैरक में धकेलने की कोशिश की गई। पत्थरबाजी हुई, टायर जलाए गए और इस तरह शपथ की राजनीति मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की वजह बन गई।

लोकभवन में शपथ। सत्ता के गलियारों में तालियां और मणिपुर की सड़कों पर सुलगता गुस्सा। नई सरकार की शपथ के कुछ ही घंटों बाद चुराचांदपुर में हिंसा भड़क उठी।

डिप्टी सीएम नेम्चा किप्गेन और लोसी दिखो के शपथग्रहण का विरोध कुछ ही देर में हिंसक हो गया। सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर आए। सुरक्षाबलों को बैरक में धकेलने की कोशिश हुई..और फिर शुरू हुई पत्थरबाजी।

Vande Bharat IBC24: हालात काबू से बाहर होते देख असम राइफल्स को मोर्चा संभालना पड़ा। आंसू गैस के गोले छोड़े गए लेकिन गुस्साई भीड़ पर शुरुआती कोशिशों में काबू नहीं पाया जा सका। असल गुस्सा है। कुकी समुदाय के भीतर मची टूट पर। नेम्चा किप्गेन के डिप्टी सीएम बनने के बाद समुदाय दो हिस्सों में बंट गया। कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि कुकी विधायकों ने मैतेई नेतृत्व से समझौता कर लिया। जॉइंट फोरम ऑफ सेवन ने 12 घंटे के बंद का ऐलान किया। कुछ कट्टर संगठनों ने विधायकों के खिलाफ इनाम तक घोषित कर दिए जिससे तनाव और गहराता चला गया।

मणिपुर की नई सरकार में मैतेई, नगा और कुकी प्रतिनिधित्व दिखाया गया लेकिन यही संतुलन हिंसा की वजह बन गया। मणिपुर की पहली महिला डिप्टी सीएम बीरेन सरकार में मंत्री रह चुकीं है। जातीय हिंसा में उनका घर भी जलाया गया था और वे अलग पहाड़ी प्रशासन की मांग करने वालों में शामिल रही हैं। शपथग्रहण से शुरू हुई ये सियासी कहानी सड़कों पर हिंसा में बदल गई। सवाल यही है कि क्या नई सरकार भरोसा बहाल कर पाएगी या मणिपुर की आग और भड़केगी?

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. चुराचांदपुर में हिंसा क्यों हुई?

डिप्टी सीएम नियुक्ति से कुकी समुदाय में असंतोष, राजनीतिक समझौते के आरोपों से हिंसा भड़की

Q2. हिंसा पर काबू के लिए क्या कदम उठाए गए?

स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स तैनात हुईं, आंसू गैस छोड़ी गई और सुरक्षा बढ़ाई गई

Q3. क्या नई सरकार भरोसा बहाल कर पाएगी?

सरकार पर समुदायों में संवाद, सुरक्षा और संतुलन बनाकर शांति बहाल करने की चुनौती है