बुजुर्गों की देखभाल की जवाबदेही तय करने का कानूनी प्रावधान हो : मंत्री

बुजुर्गों की देखभाल की जवाबदेही तय करने का कानूनी प्रावधान हो : मंत्री

बुजुर्गों की देखभाल की जवाबदेही तय करने का कानूनी प्रावधान हो : मंत्री
Modified Date: November 29, 2022 / 08:58 pm IST
Published Date: October 1, 2020 1:34 pm IST

लखनऊ, एक अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने बुजुर्गों की देखभाल की जवाबदेही सुनिश्चित करने का कानूनी प्रावधान किए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति के अनुरूप अपने माता-पिता की देखभाल के प्रति अधिक जिम्मेदार बनना चाहिए।

मंत्री ने ‘दादी दादा फाउंडेशन’ द्वारा नीति आयोग के सहयोग से आयोजित ‘वरिष्ठ नागरिक और न्यू नॉर्मल’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘बुजुर्गों की देखभाल एक बड़ी जिम्मेदारी है। हम कहीं न कहीं उनके प्रति लापरवाह होते जा रहे हैं। माता-पिता के प्रति युवाओं की अधिक जवाबदेही होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कानून में यह भी प्रावधान होना चाहिए कि बच्चे अपने से बड़ों की देखभाल के अपने नैतिक कर्तव्यों के प्रति जवाबदेह बनें। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति भी अपने बड़े-बुजुर्गों का ख्‍याल करने को कर्तव्य का दर्जा देती है।

समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि जिस तरह से देश में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैली हुई है उससे बुजुर्गों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

उच्चतम न्यायालय में अधिवक्ता विवेक सोनकर ने कहा कि आज एक ऐसे कानून की आवश्यकता है जो पूरी तरह हमारे बुजुर्गो को समर्पित हो। एक विशेष कानून बुजुर्गों को समाज में न्याय दिलाने में मदद करेगा।

लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक सत्यनारायण साबत ने कहा, ‘समाज को यह सोचना चाहिए कि हम अपने वरिष्ठ नागरिकों की मदद कैसे कर सकते हैं। पुलिस द्वारा इस संबंध में विभिन्न पहल की गई हैं।’

भाषा सलीम अमित

अमित


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