श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़, मुख्य सचिव की जांच के बाद हटाए गए उज्जैन कलेक्टर और कमिश्नर
श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़, मुख्य सचिव की जांच के बाद हटाए गए उज्जैन कलेक्टर और कमिश्नर
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ और शनिचरी अमावस्या स्नान पर लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री कमलनाथ के सख्त रवैये के बाद कलेक्टर कलेक्टर और संभागायुक्त को हटा दिया गया है। मुख्य सचिव ने जांच के बाद ये कार्रवाई की है।
नदी सूखी होने के कारण श्रद्धालुओं को फव्वारे से स्नान कराया गया था। मुख्य सचिव ने जांच में उज्जैन कलेक्टर मनीष सिंह और संभागयुक्त एमबी ओझा की लापरवाही पाई। इसके बाद उन्हें हटाए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि उज्जैन में शनिचरी अमावस्या के मौके पर क्षिप्रा नदी के सूखने और इससे श्रद्धालुओं को स्नान में आई परेशानी मामले में सीएम कमलनाथ ने सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने मुख्य सचिव को पूरे मामले में जांच कर रिपोर्ट देने कहा था।
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कमलनाथ ने कहा कि जानकारी होने के बाद भी श्रद्धालुओं के स्नान की माक़ूल व्यवस्था क्यों नहीं की गई। नर्मदा का पानी क्षिप्रा नदी में क्यों आ नहीं पाया। इसके पीछे क्या कारण है, किसकी लापरवाही है। सारे इंतजाम पूर्व से ही सारे इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा था कि लापरवाही सामने आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

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