आधा दर्जन से अधिक राजपरिवारों के वारिस टिकट की कतार में, देखिए कौन-कौन है दावेदार

आधा दर्जन से अधिक राजपरिवारों के वारिस टिकट की कतार में, देखिए कौन-कौन है दावेदार

आधा दर्जन से अधिक राजपरिवारों के वारिस टिकट की कतार में, देखिए कौन-कौन है दावेदार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:27 pm IST
Published Date: August 23, 2018 2:18 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की सूची में आधा दर्जन से अधिक राजपरिवारों के वारिस भाग्य आजमाने की कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के छोटेबड़े राजघरानों के वारिस टिकट की दौड़ में शामिल हैं। इनमें से कई पूर्व विधायक और आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

राजपरिवार के नेताओं की सूची में पहला नाम सरगुजा राजपरिवार से टीएस सिंहदेव हैं। सिंहदेव वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष हैं, पूर्व में दो बार विधायक रह चुके हैं, जोगी सरकार में वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे हैं। इस दफा तीसरी बार सरगुजा विधानसभा से चुनाव लड़ना तय है। सक्ती राजपरिवार से सुरेंद्र बहादुर ​सिंह पूर्व में विधायक और मंत्री भी रह चुके हैं। इस चुनाव में एक बार फिर सक्ती से टिकट के दावेदार हैं।

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इसी तरह से सराईपाली राजपरिवार से देवेन्द्र बहादुर सिंह बसना विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की पहली सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं। एक ​बार फिर बसना से टिकट के दावेदार हैं। कवर्धा राजपरिवार से योगीराज सिंह योगिराज सिंह पंडरिया से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। योगीराज सिंह कुछ समय से राजनीति से दूर थे, एक बार फिर ​चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं। योगीराज ने 1998 विधानसभा के चुनाव में वर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह को हराया था।

वहीं छुरा राजपरिवार से ओंकार शाह बिन्द्रानवागढ़ सीट से टिकट के दावेदार हैं। वे 2003 में विधानसभा चुनाव जीते थे। इससे पहले भी विधायक रह चुके हैं। अकलतरा राजपरिवार से पूर्व में धीरेंद्र प्रताप सिंह, राकेश सिंह पूर्व में विधायक रह चुके हैं। अब इसी परिवार से राघवेंद्र सिंह टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। हालांकि इसी सीट से इस समय कांग्रेस के चुन्नीलाल साहू विधायक हैं।

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कोरिया राजपरिवार की बात करें तो रामचंद्र सिंहदेव कई बार लगातार विधायक रहे। रामचंद्र सिंहदेव छत्तीसगढ़ के पहले वित्तमंत्री रहे। हाल ही में सिंहदेव के दिवंगत होने के बाद उनकी भतीजी अम्बिका सिंह को चुनाव लड़ाने की मांग की जा रही है। कांग्रेस का कहना है कि राजपरिवारों का कांग्रेस से पुराना संबंध है। मगर समय के साथ वे राजपरिवार राजनीतिक हाशिए पर चले गए, जिनका जनता से जुड़ाव नहीं था। मगर ऐसे राजपरिवार जो जनता से जुड़े हुए हैं, उन्होंने प्रक्रिया के तहत टिकट की दावेदारी की है तो पार्टी इनके नामों पर विचार कर रही है। उधर बीजेपी का कहना है कि, राजाराजवाड़े कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं तो इसका कोई असर नहीं पड़ेगा जनता अपने बीच से अपना प्रतिनिधि चुनती है।

 

वेब डेस्क, IBC24


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