छत्तीसगढ़ी में छपवाया शादी का कार्ड, बैलगाड़ी में निकली बारात, फिर ढेंकी-जांता से पूरी हुई रस्में.. देखिए अनोखी शादी

छत्तीसगढ़ी में छपवाया शादी का कार्ड, बैलगाड़ी में निकली बारात, फिर ढेंकी-जांता से पूरी हुई रस्में.. देखिए अनोखी शादी

छत्तीसगढ़ी में छपवाया शादी का कार्ड, बैलगाड़ी में निकली बारात, फिर ढेंकी-जांता से पूरी हुई रस्में.. देखिए अनोखी शादी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:47 pm IST
Published Date: March 23, 2021 10:38 am IST

जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़। जांजगीर-चाम्पा के चिस्दा गांव में एक शादी लोगों की चर्चा का विषय बन गई। आधुनिकता के बीच अपनी परंपराओं और रीति रिवाजों को सहेजने वाली ये शादी की जमकर तारीफ हो रही है। दरअसल, चिस्दा गांव के तेजेंदर सिंह की शादी, हसौद की मनीषा से तय हुई, जिसके बाद बीई पास युवक तेजेंदर सिंह ने अपनी शादी छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपरा से करने ठानी।

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जब चिस्दा से बैलगाड़ी में बारात निकली तो यह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया। छत्तीसगढ़ी में कार्ड छपवाया गया था। खास बात यह रही कि शादी के बाद दुल्हन ने ढेकी से धान कूटकर परंपरा निभाई। साथ ही, दाल दलने की परम्परा को भी निभाई और फिर दुल्हन ने भोजन बनाया। 

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दिलचस्प बात ये भी है कि चिस्दा गांव के इस परिवार की 4 पीढ़ी की शादी हसौद गांव में ही हुई है। तेजेंदर ने हसौद में शादी की, उससे पहले उनके पिता, दादा और परदादा की भी शादी हसौद में ही हुई थी।

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बारात जब हसौद पहुंची तो यहां भी बारात देखने लोग पहुंचे और लोगों ने इस आधुनिक युग में भी छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपरा को जीवंत रखने के लिए तेजेंदर सिंह और उनके परिवार की जमकर तारीफ की।

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