(NSE IPO News/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: NSE IPO News Today नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बोर्ड ने शुक्रवार 6 फरवरी को हुई बैठक में कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) लाने की मंजूरी दे दी है। यह निवेशकों के लिए बड़ी खबर है, क्योंकि इस मंजूरी के बाद NSE शेयर बाजार में आने का रास्ता क्लियर हो गया है। बोर्ड ने मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कंपनी का IPO लाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया है। इससे NSE अब अगले कदमों पर चर्चा कर कंपनी के शेयर मार्केट में आने की तैयारी करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि NSE का प्रस्तावित IPO भारत के कैपिटल मार्केट में सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है। NSE के लगभग 1.77 लाख शेयरहोल्डर हैं और ग्रे मार्केट वैल्यू लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यह लिस्टिंग 2016 से रुकी हुई थी, जब NSE ने पहली बार ऑफर फॉर सेल के जरिए लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट फाइल किए थे।
पहली बार, SEBI ने NSE की लिस्टिंग को गवर्नेंस और को-लोकेशन से जुड़ी चिंताओं के कारण रोक दिया था। तब से, NSE ने कई बार रेगुलेटर से संपर्क किया। हाल ही में सेबी ने NSE के सेटलमेंट एप्लीकेशन को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी और नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी जारी किया। यह IPO के लिए एक अहम रेगुलेटरी मील का पत्थर माना जा रहा है।
NSE ने तीसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 37% की गिरावट दर्ज की, जो 2,408 करोड़ रुपये रहा। कुल इनकम पिछले साल के मुकाबले 9% घटकर 4,395 करोड़ रुपये रही। मुख्य कारण कम ट्रांजैक्शन चार्ज थे। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले प्रॉफिट 15% बढ़ा और कुल इनकम 6% बढ़ी, जिसे ज्यादा ट्रेडिंग वॉल्यूम का समर्थन मिला।
IPO की मंजूरी और तिमाही नतीजों के साथ NSE निवेशकों के लिए नए अवसर ला रहा है। कंपनी के अगले कदम निवेशकों की नजरों में रहेंगे। NSE की लिस्टिंग से न केवल शेयरधारकों को लाभ मिलेगा, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी महत्वपूर्ण हलचल आएगी। निवेशक अब इसके लॉन्च और ट्रेडिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।