MD Factory Busted In Mandsaur: एमडी ड्रग्स की फैक्टी पर पुलिस की दबिश, 12 करोड़ रुपए का नशे का सामान जब्त, देखकर पुलिस के पैरों तले खिसक गई जमीन

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MD Factory Busted In Mandsaur: एमडी ड्रग्स की फैक्टी पर पुलिस की दबिश, 12 करोड़ रुपए का नशे का सामान जब्त, देखकर पुलिस के पैरों तले खिसक गई जमीन

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  • Publish Date - February 8, 2026 / 12:25 PM IST,
    Updated On - February 8, 2026 / 12:50 PM IST

MD Factory Busted In Mandsaur: एमडी ड्रग्स की फैक्टी पर पुलिस की दबिश, 12 करोड़ रुपए का नशे का सामान जब्त / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • पुलिस ने 12 किलो एमडी (Mephedrone) ड्रग्स ज़ब्त किया
  • ग्राम सुरजना में भुवानीराम सिकलीगर के खेत में यह फैक्ट्री चल रही थी
  • तस्कर अब घने पेड़ों और खेतों के बीच छिपी हुई जगहों पर सीधे फैक्ट्रियां लगा रहे

मंदसौर: MD Factory Busted In Mandsaur मध्यप्रदेश का मंदसौर जिला नशे का हॉटस्पॉट बनते जा रहा है। यहां नशे के तस्कर नहीं बल्कि सीधे फैक्ट्री लगाकर ड्रग्स और खतरनाक नशीले सामान बनाए जा रहे हैं। पुलिस की टीम ने एक बार​ फिर नशे की फैक्ट्री में दबिश देकर 12 करोड़ रुपए का एमडी ड्रग्स जब्त किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को भी धर दबोचा है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पर पुलिस की दबिश

MD Factory Busted In Mandsaur मिली जानकारी के अनुसार गांधीसागर डूब क्षेत्र से लगे ग्राम सुरजना में भुवानीराम सिकलीगर के खेत में गांव के कुछ लोग एमडी ड्रग्स बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान इलाके की पुलिस वहां आ धमकी। पुलिस को देखकर आरोपी ड्रग्स छोड़कर भागने लगे। लेकिन पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपी दीपक लोहार और सुमित लोहार को धर दबोचा। पुलिस ने मौके से 12 किलो एमडी ड्रग्स भी जब्त किया है। बताया जा रहा है कि जब्त किए गए नशे के सामान की कीमत बाजार में करीब 12 करोड़ रुपए है।

संतरे के बगीचे में बना रहे थे ड्रग्स

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब मंदसौर जिले में ड्रग्स की फैक्ट्री संचालित होने का खुलासा हुआ है। इससे पहले डूब क्षेत्र से सटे ग्राम हिंगोरिया बड़ा में भी फैक्ट्री मिली थी। इसके पहले बोलिया के समीप गांव में संतरे के बगीचे में भी एमडी की फैक्ट्री मिल चुकी है। बता दें कि बीते दिनों एमडी का कारखाना पकड़ाए जाने के बाद जिले में भी पुलिस कई जगहों पर तलाश कर रही थी।

पूर्व सरपंच के घर मिला ड्रग्स का जखीरा

बता दें कि हाल ही में नारकोटिक्स टीम ने नीमच फोरलेन बायपास रोड पर नाकाबंदी के दौरान बाइक सवार युवकों के पास से 806 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की थी। वहीं, पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पूर्व सरपंच के घर पर ड्रग्स की फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी दी थी। इस सूचना पर पुलिस ने मंदसौर में दबिश दी। हालांकि दबिश से पहले ही पूर्व सरपंच मौके से फरार हो गया। उसके घर के पास बनी पानी की हौद से एमडी बनाने के उपकरण और तैयार मादक पदार्थ बरामद किया गया।

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एमडी (MD) ड्रग्स क्या होता है?

इसे मेफेड्रोन या 'म्याऊ-म्याऊ' भी कहा जाता है। यह एक बहुत ही खतरनाक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है जो दिमाग और शरीर पर बुरा असर डालता है।

ये फैक्ट्रियां खेतों में ही क्यों बनाई जा रही हैं?

खेतों और बगीचों में रासायनिक बदबू को छुपाना आसान होता है और घनी झाड़ियों की वजह से पुलिस की नज़र से बचा जा सकता है।

क्या गिरफ्तार आरोपियों का कोई पुराना रिकॉर्ड है?

पुलिस दीपक और सुमित लोहार के पिछले आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस पूरे सिंडिकेट (Network) का पता लगाया जा सके।

इस मामले में पूर्व सरपंच की क्या भूमिका है?

आरोप है कि पूर्व सरपंच ने अपने घर और आस-पास के क्षेत्र में ड्रग्स बनाने के लिए संसाधन और सुरक्षा मुहैया कराई थी। वह फिलहाल फरार है।

मंदसौर में इतनी ड्रग्स क्यों मिल रही है?

यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से अफीम की खेती के लिए जाना जाता है, जिसका फायदा उठाकर तस्कर अब सिंथेटिक ड्रग्स के अवैध कारोबार में पैर पसार रहे हैं।